उत्तर प्रदेश

हापुड़ अड्डे पर जाम लगने से पुराने शहर का आधा इलाका जूझता है, नई ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स भी बेअसर

Admin Delhi 1
26 Nov 2022 10:41 AM GMT
हापुड़ अड्डे पर जाम लगने से पुराने शहर का आधा इलाका जूझता है, नई ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स भी बेअसर
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मेरठ न्यूज़: ट्रैफिक सिस्टम के हिसाब से नासूर बन चुके हापुड़ अड्डे चौराहे पर प्रशासन आखिर इतना बेबस क्यों दिखता है? आज यह सबसे बड़ा सवाल है। चौराहे पर पुलिस का वाहन चेकिंग अभियान कभी नहीं रुकता, यहां के कुछ व्यापार संघों के पदाधिकारियों द्वारा अक्सर ट्रैफिक मिसमेनेजमेंट को लेकर पुलिस कर्मियों को झड़पें तक होती हैं। भगत सिंह मार्केट की भीड़ भी यहां लगने वाले जाम का मुख्य कारण है। इसके अलावा यहां बनाया गया बेतरतीब गोल चक्कर भी यातायात में रोढ़ा बना हुआ है। कुल मिलाकर हापुड़ अड्डा चौराहे पर प्रशासन की सभी प्लानिंग फेल हो रही है। इसके बावजूद यहां के लिए कोई ठोकस कदम नहीं उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि बेगमपुल के बाद हापुड़ अड्डा चौराहा सबसे व्यस्तम चौराहों में शुमार है। हांलाकि यहां पर ट्रैफिक सिगनल लाइट सिस्टम बदस्तूर काम कर रहा है। कैमरों से बेतरतीब चलने वाले ट्रैफिक की निगेहबानी भी हो रही है। अक्सर विभिन्न प्राईवेट कंपनियां यहां जाम से निपटने का प्रजेंटेशन भी अधिकारियों के समक्ष पेश करती हैं लेकिन इन सब के बावजूद स्थिति जस की तस है। हालांकि यहां जाम से छुटकरे के लिए प्रशासन ने एक और योजना पर काम करना शुरु कर दिया है। दिल्ली की एक कंपनी द्वारा यहां हापुड़ अड्डे को सुव्यवस्थित करने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करवाई जा रही है। जिलाधिकारी दीपक मीणा भी इसमें स्वंय इंटरेस्ट ले रहे हैं। इस संबंध में यहां होने वो कार्यों की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रशासन ने फाइल एमडीए को भेज दी है। जो प्रस्ताव तैयार हो रहा है

उसके तहत यहां पर अब सब कुछ सिस्टम के अनुसार होगा। बेतरतीब गोल चक्कर को तोड़ा जाएगा और यहां ट्रैफिक पुलिस का बूथ बनेगा ताकि पुलिस कर्मी यहां से ट्रैफिक संचालित कर सके। प्लानिंग में जर्सी बैरियर लगाने व यूटर्न भी शामिल हैं। यहां यह भी गौरतलब है कि इस चौराहे के पास से आॅटो व ई-रिक्शा का बेतरतीब संचालन सबसे बड़ी सिरदर्दी है। यहां लगने वाले जाम का असर लिसाड़ी गेट, भूमिया पुल, ओडियन रोड, शाहपीर गेट, शाहगासा व कई अंदरुनी इलाकों तक पर पड़ता है।

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