उत्तर प्रदेश

Greater Noida: 152 खातों वाला अनपढ़ टैक्सी ड्राइवर निकला साइबर ठगी का मोहरा

Admindelhi1
14 Jun 2025 1:03 PM IST
Greater Noida: 152 खातों वाला अनपढ़ टैक्सी ड्राइवर निकला साइबर ठगी का मोहरा
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आरोपी के तार नेपाल और कंबोडिया से

ग्रेटर नोएडा: लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार टैक्सी चालक मोहन सिंह उर्फ रॉकी के पास से मिले 152 बैंक खातों में 265 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है। यह रकम लोगों को जाल में फंसाकर ठगों ने मंगाए थे। 17 राज्यों में दर्ज ठगी के 75 केस में इन खातों का जिक्र है। आरोपी के तार नेपाल और कंबोडिया में बैठकर भारतीय नागरिकों को ठगने वाले चीन के जालसाजों से जुड़े हैं।

मामले में एसटीएफ नोएडा ने जांच रिपोर्ट यूपी पुलिस के मुख्यालय भेजी थी। इसके बाद पुलिस ने 17 राज्यों के डीजीपी को पत्र लिखा गया है। संबंधित राज्यों की पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए संपर्क साधा है। आरोपी को शामली, आगरा और पंचकुला (हरियाणा) की पुलिस पहले ही रिमांड पर ले चुकी है। केरल पुलिस ने रिमांड के लिए संपर्क किया है।

एसटीएफ ने 12 फरवरी को नोएडा के सेक्टर-48 के होटल गणेश्वरम से तीन आरोपियों अलीगढ़ के मोहन सिंह उर्फ रॉकी और अरमान व बागपत के संयम जैन को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी मोहन से कई लोगों के नाम की चेकबुक, पासबुक, डेबिट कार्ड और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ था। इस आधार कार्ड पर ललित सिंह का नाम था, लेकिन फोटो मोहन सिंह का।

आरोपियों के मोबाइल में मिली चैट से पता चला कि ये होटलों में रुक कर बैंक खातों की इंटरनेट बैंकिंग को एक्टिवेट करते थे और अपने साथियों को इसका एक्सेस दे देते थे। फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करके होटल में चेक-इन करते थे, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके। ये गरीबों, कम पढ़े-लिखे लोगों से कमीशन पर बैंक खाते लेते थे और चीन के ठगों को मुहैया कराते थे। इन खातों में साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर होते थे, फिर तुरंत उसे अलग-अलग खातों में बांटा जाता था। कुछ पैसों को क्रिप्टो करेंसी में भी बदल देते थे।

खाते के लिए देता था कमीशन: मोहन सिंह के अनुसार, रोहन अग्रवाल और इंदौर निवासी पिंटू इस नेटवर्क के मुख्य संचालक हैं। रोहन का चीन के अपराधियों के लिए करंट अकाउंट उपलब्ध कराने के लिए कमीशन देता था। पिंटू हवाला का काम करता था। वह साइबर फ्रॉड के पैसे को नकद में बदलता था।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्र ने बताया कि इंडियन साइबर क्राइम कोआॅर्डिनेशन सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर जांच में पाया गया कि आरोपी के पास से मिले 152 बैंक खातों में 265 करोड़ रुपये की ठगी की रकम का लेनदेन मिला है। आरोपी मोहन सिंह अनपढ़ ड्राइवर है। वह रोहन अग्रवाल के पास काम करता था।

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