उत्तर प्रदेश

ग्रेटर नोएडा फैक्ट्री अग्निकांड: 450 कर्मचारियों को बचाने में दो दमकलकर्मियों ने दी शहादत

Kavita2
5 Aug 2026 12:37 PM IST
ग्रेटर नोएडा फैक्ट्री अग्निकांड: 450 कर्मचारियों को बचाने में दो दमकलकर्मियों ने दी शहादत
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ग्रेटर नोएडा। “कर्तव्य सबसे ऊपर” के जज्बे के साथ अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने वाले दो दमकलकर्मियों ने ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में सर्वोच्च बलिदान दिया। दक्षिण कोरियाई बहुराष्ट्रीय कंपनी आइएलजेआइएन इलेक्ट्रॉनिक्स में लगी आग के दौरान दमकल टीम ने करीब 450 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन बचाव अभियान में जुटे दो दमकलकर्मी रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह वापस नहीं लौट सके।

घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। फैक्ट्री परिसर में लगी भीषण आग के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में कर्मचारी अंदर फंसे हुए थे और हर तरफ धुआं फैल गया था। ऐसे हालात में दमकल विभाग की टीम ने मोर्चा संभाला और जोखिम उठाते हुए कर्मचारियों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

बचाव कार्य के दौरान दमकलकर्मियों ने सबसे पहले फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। धुएं और आग की लपटों के बीच उन्होंने कई कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान की बाजी लगा दी।

हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के पास स्थित तिराहे पर कर्मचारियों के टूटे हुए जूते-चप्पल बिखरे मिले। आग से बचने की कोशिश में कर्मचारियों ने जल्दबाजी में बाहर निकलने का प्रयास किया था। घटनास्थल पर मौजूद यह दृश्य हादसे की भयावहता को बयां कर रहा था।

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने लंबे समय तक अभियान चलाकर कर्मचारियों को बाहर निकाला। दमकलकर्मियों के लिए यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि फैक्ट्री के अंदर धुआं तेजी से फैल रहा था और आग लगातार बढ़ रही थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद कर्मचारियों में दहशत फैल गई थी। कई लोग सुरक्षित रास्ते की तलाश में इधर-उधर भाग रहे थे। कुछ कर्मचारियों ने ऊंचाई वाले स्थानों से भी बाहर निकलने की कोशिश की। ऐसे समय में दमकल टीम ने संयम और साहस के साथ राहत कार्य को अंजाम दिया।

रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह की शहादत ने पूरे दमकल विभाग को गमगीन कर दिया है। साथी कर्मचारियों ने बताया कि दोनों अपने कर्तव्य के प्रति बेहद समर्पित थे और मुश्किल परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटते थे।

प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित विभागों की टीमों को लगाया गया है। साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर फायर सर्विस कर्मियों के जोखिम भरे काम और उनके साहस को सामने ला दिया है। आग, दुर्घटना या किसी आपदा के समय यही कर्मी अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने के लिए आगे आते हैं।

स्थानीय लोगों और फैक्ट्री कर्मचारियों ने दमकलकर्मियों के प्रयासों की सराहना की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते बचाव अभियान नहीं चलाया जाता तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

रोहित यादव और तीर्थपाल सिंह का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने जिस साहस और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन किया, वह आपदा प्रबंधन और सेवा भावना की मिसाल है।

फिलहाल प्रशासन राहत और जांच कार्य में जुटा है, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। दो दमकलकर्मियों की शहादत ने यह साबित कर दिया कि दूसरों की जिंदगी बचाने का संकल्प रखने वाले योद्धा हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखते हैं।

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