उत्तर प्रदेश

वाराणसी में 251 कन्याओं का भव्य पूजन वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा परिसर

Ratna Netam
17 Oct 2026 6:43 PM IST
वाराणसी में 251 कन्याओं का भव्य पूजन वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा परिसर
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार को 251 कन्याओं का भव्य कन्या पूजन आयोजित किया गया। आर्य महिला हितकारिणी महा परिषद के तत्वावधान में आर्य महिला परिसर स्थित श्री ज्ञानानंद जी महाराज ऑडिटोरियम में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे वैदिक मंगलाचरण के साथ हुई। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य कन्या सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ समाज में बेटियों के प्रति आदर और महिला सशक्तिकरण का संदेश देना था।
वैदिक मंगलाचरण के साथ शुरू हुआ आयोजन
आर्य महिला हितकारिणी महा परिषद द्वारा आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के साथ किया गया। आयोजन स्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम संपन्न हुआ।कन्या पूजन में 251 कन्याओं की भागीदारी रही। आयोजकों ने इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति में कन्याओं के महत्व और उनके सम्मान की परंपरा को विशेष रूप से रेखांकित किया।नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सनातन परंपरा में कन्याओं को देवी दुर्गा के स्वरूप में पूजने की मान्यता है।
कन्याएं मां जगदंबा का स्वरूप हैं- प्रदीप अग्रहरी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी उपस्थित रहे। उन्होंने कन्या पूजन के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।प्रदीप अग्रहरी ने कहा, "कन्याएं आदि शक्ति, माता जगदंबा का ही स्वरूप हैं। हमारी सनातन संस्कृति में कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज में मातृशक्ति के प्रति सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक है और बेटियों की उन्नति व उत्थान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। कन्या पूजन जैसी परंपराएं समाज को मातृशक्ति का सम्मान करने की प्रेरणा देती हैं।
बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान कन्या सम्मान को महिला सशक्तिकरण की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन करना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सम्मान की भावना को मजबूत करना भी था।कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि परिवार और समाज दोनों स्तरों पर बेटियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाए।
भारतीय संस्कृति में कन्या पूजन का विशेष महत्व
नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन सनातन धर्म की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस अनुष्ठान में कन्याओं को देवी शक्ति का प्रतीक मानकर उनका सम्मान किया जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दिनों में देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन की विशेष परंपरा है।इस आयोजन में भी कन्या सम्मान के माध्यम से शक्ति उपासना और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास किया गया।
आर्य महिला हितकारिणी महा परिषद की पहल
वाराणसी की आर्य महिला हितकारिणी महा परिषद लंबे समय से महिला शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी रही है।संस्था द्वारा पूर्व के वर्षों में भी नवरात्रि के अवसर पर 251 कन्याओं के पूजन का आयोजन किया गया है। सितंबर 2025 में आर्य महिला पीजी कॉलेज परिसर में इसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया था।संस्था की इस परंपरा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ बेटियों के सम्मान और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मातृशक्ति के सम्मान के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
श्री ज्ञानानंद जी महाराज ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम ने धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक संदेश को एक मंच पर प्रस्तुत किया।मुख्य अतिथि प्रदीप अग्रहरी ने अपने संबोधन में बेटियों की उन्नति और उत्थान के प्रति समाज की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।आयोजन के माध्यम से यह संदेश सामने आया कि कन्याओं के प्रति सम्मान केवल धार्मिक अवसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दैनिक जीवन में भी उनकी शिक्षा, सुरक्षा, अधिकारों और अवसरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।नवरात्रि के अवसर पर आयोजित 251 कन्याओं का यह पूजन कार्यक्रम सनातन परंपरा और महिला सम्मान के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
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