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वृंदावन (मथुरा)। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का उनके शिष्यों और भक्तों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। संत प्रेमानंद महाराज ने सबसे पहले अपने गुरु का पूजन कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचकर हजारों भक्तों को दर्शन दिए। बाद में जब वह यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचे तो शिष्यों ने उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारी की थी। आश्रम परिसर में संत प्रेमानंद के स्वागत के लिए गुलाब के फूलों की पंखुड़ियों से रास्ता सजाया गया था।
गुरु पूर्णिमा के मौके पर बुधवार सुबह संत प्रेमानंद महाराज ने सबसे पहले बाराहघाट स्थित अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचकर विधि-विधान से गुरु पूजन किया। उन्होंने अपने गुरु के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद वह श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचे, जहां पहले से ही बड़ी संख्या में भक्त उनके दर्शन के लिए मौजूद थे।
संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ संत का आशीर्वाद लिया। आश्रम परिसर में राधा नाम के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने संत प्रेमानंद के दर्शन कर गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर को यादगार बनाया।
इसके बाद करीब 11 बजे संत प्रेमानंद महाराज यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम पहुंचे। यहां उनके स्वागत के लिए शिष्यों ने भव्य तैयारी कर रखी थी। जैसे ही संत प्रेमानंद आश्रम पहुंचे, भक्तों ने उनका स्वागत फूलों की वर्षा और जयकारों के साथ किया। आश्रम से उनकी कुटिया तक गुलाब के फूलों की पंखुड़ियां बिछाई गई थीं।
संत प्रेमानंद महाराज जब इन फूलों से सजे मार्ग पर चलते हुए अपनी कुटिया की ओर बढ़े तो वहां मौजूद भक्तों ने राधा-राधा के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बन गया। शिष्यों ने अपने गुरु के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करते हुए इस अनोखे तरीके से उनका अभिनंदन किया।
गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का विशेष पर्व माना जाता है। इस दिन भक्त अपने गुरु का पूजन करते हैं और उनसे जीवन में सही मार्ग पर चलने का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। वृंदावन में भी इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
संत प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन बेहद खास रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचे और गुरु कृपा प्राप्त करने की कामना की। सोशल मीडिया पर भी संत प्रेमानंद महाराज के स्वागत के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें भक्तों की श्रद्धा और उत्साह साफ दिखाई दे रहा है।
गुलाब के फूलों से सजे रास्ते पर संत प्रेमानंद महाराज का चलना और भक्तों का जयकारों के साथ उनका स्वागत करना गुरु और शिष्य के बीच श्रद्धा एवं प्रेम के संबंध को दर्शाता है। वृंदावन में हुआ यह भव्य आयोजन पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।





