उत्तर प्रदेश

कानपुर देहात में थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर सरकार की बड़ी कार्रवाई

Kavita2
27 Aug 2026 1:38 PM IST
कानपुर देहात में थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर सरकार की बड़ी कार्रवाई
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उत्तर प्रदेश : बिजली व्यवस्था को मजबूत और निर्बाध बनाने की दिशा में काम कर रही योगी आदित्यनाथ सरकार ने कानपुर देहात में लंबे समय से अटके दो बड़े थर्मल पावर प्रोजेक्ट पर सख्त कदम उठाया है। सरकार ने परियोजनाओं में अनावश्यक देरी और लापरवाही बरतने वाली दो निजी कंपनियों को आवंटित करीब 944 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया है।

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब यह जमीन वापस सरकार के नियंत्रण में आएगी और इसे ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दो निजी कंपनियों को दी गई थी जमीन

जानकारी के मुताबिक कानपुर देहात की भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए दो निजी कंपनियों को जमीन आवंटित की गई थी। इनमें लैंको अनपारा पावर लिमिटेड और हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

इन कंपनियों को बिजली उत्पादन परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध कराई गई थी, ताकि प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके। हालांकि जमीन मिलने के बाद भी परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

सरकार की समीक्षा में सामने आया कि दोनों कंपनियों ने जमीन का उपयोग परियोजना के निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार नहीं किया। कंपनियों ने जमीन के आधार पर ऋण सुविधाएं भी प्राप्त कीं, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य या अन्य जरूरी गतिविधियां आगे नहीं बढ़ सकीं।

परियोजना में देरी पर सरकार नाराज

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े इन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में लगातार देरी को सरकार ने गंभीरता से लिया। प्रदेश सरकार का मानना है कि बिजली उत्पादन से जुड़ी परियोजनाओं में समय पर काम पूरा होना जरूरी है, क्योंकि इनका सीधा असर प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ता है।

सरकार की ओर से यह भी देखा गया कि लंबे समय तक जमीन का उपयोग नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में सरकार ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए जमीन का आवंटन निरस्त करने का फैसला लिया।

जमीन वापस लेकर ऊर्जा विभाग के नाम होगी दर्ज

सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोनों कंपनियों से जमीन वापस लेकर उसे राज्य सरकार के कब्जे में लिया जाए। इसके बाद इस भूमि को ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज किया जाएगा।

सरकार की योजना है कि इस जमीन का इस्तेमाल भविष्य में प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाली परियोजनाओं के लिए किया जा सके। इससे बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश में औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

योगी सरकार का सख्त संदेश

योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार प्रदेश में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। नए पावर प्रोजेक्ट, ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार और बिजली आपूर्ति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने साफ संदेश दिया है कि विकास परियोजनाओं के लिए दी गई सरकारी जमीन का सही उपयोग होना चाहिए। यदि कोई कंपनी तय समय सीमा में परियोजना को आगे नहीं बढ़ाती है या लापरवाही करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को लेकर सरकार की नीति

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार निजी और सरकारी क्षेत्र के माध्यम से बिजली उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश में बढ़ती आबादी और उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।

ऐसे में सरकार चाहती है कि जिन कंपनियों को परियोजनाओं के लिए जमीन दी जाती है, वे समयबद्ध तरीके से काम पूरा करें। कानपुर देहात की यह कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है।

दो निजी कंपनियों की जमीन का आवंटन रद्द करने का फैसला प्रदेश में अटकी परियोजनाओं की समीक्षा और उन्हें गति देने की सरकार की रणनीति को दर्शाता है। अब इस जमीन के भविष्य के उपयोग को लेकर ऊर्जा विभाग आगे की योजना तैयार करेगा।

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