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यूपी में 12 अक्टूबर से शुरू होगी धान की सरकारी खरीद, मोटे अनाज के MSP भी तय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धान की सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे किसानों के लिए अहम खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीद की तारीखों का निर्धारण कर दिया है। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 अक्टूबर से और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस साल भी मोटे अनाज यानी ‘श्रीअन्न’ की सरकारी खरीद कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए 31 दिसंबर की तारीख तय की गई है।
कैबिनेट की बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने खरीद व्यवस्था और मोटे अनाज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बाजरा, मक्का और ज्वार की सरकारी खरीद की जाएगी। सरकार के फैसले के तहत 33 जिलों में बाजरा, 25 जिलों में मक्का और 13 जिलों में ज्वार खरीदा जाएगा। इससे संबंधित जिलों के किसानों को अपनी उपज सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत बेचने का अवसर मिलेगा।
पश्चिमी यूपी में 12 अक्टूबर से धान की खरीद
उत्तर प्रदेश में धान खरीद की शुरुआत क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग तारीखों पर होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों से 12 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खरीद प्रक्रिया 1 नवंबर से प्रारंभ होगी। इस तरह दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
सरकारी खरीद का कार्यक्रम तय होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने की तैयारियां करने का अवसर मिलेगा। धान खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों की उपज को निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के माध्यम से खरीदना है। हालांकि, खरीद केंद्रों, पंजीकरण और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए किसानों को संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना होगा।
प्रदेश में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। ऐसे में सरकारी खरीद की तारीखें किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्रवार तारीख निर्धारित होने से किसानों को यह जानने में सुविधा होगी कि उनके इलाके में धान की खरीद कब से शुरू होगी।
31 दिसंबर से शुरू होगी श्रीअन्न की सरकारी खरीद
योगी कैबिनेट ने धान के साथ-साथ मोटे अनाज की सरकारी खरीद को लेकर भी निर्णय लिया है। इस वर्ष भी ‘श्रीअन्न’ के तहत शामिल मोटे अनाज की खरीद कराई जाएगी। इसके लिए 31 दिसंबर से खरीद शुरू करने का कार्यक्रम तय किया गया है।
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि इस बार प्रदेश के 33 जिलों में बाजरा, 25 जिलों में मक्का और 13 जिलों में ज्वार की खरीद की जाएगी। अलग-अलग फसलों के लिए जिलों का निर्धारण किया गया है। इससे संबंधित क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज सरकार की खरीद व्यवस्था में बेचने का मौका मिलेगा।
मोटे अनाज की सरकारी खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमएसपी के तहत निर्धारित दरों के आधार पर पात्र किसानों से संबंधित फसलों की खरीद की जाती है। सरकार ने इस वर्ष ज्वार, बाजरा और मक्का की खरीद के लिए अलग-अलग न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए हैं।
ज्वार, बाजरा और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय
राज्य सरकार ने मोटे अनाज की विभिन्न किस्मों के लिए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। खाद्य एवं रसद मंत्री के मुताबिक, इस वर्ष ज्वार की मालदांडी किस्म का एमएसपी 4,073 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। वहीं, ज्वार की हाईब्रिड किस्म का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,023 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसी तरह मक्का के लिए 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। ये दरें संबंधित फसलों की सरकारी खरीद के लिए निर्धारित की गई हैं।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निर्धारित एमएसपी इस प्रकार हैं:
फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य
ज्वार (मालदांडी) 4,073 रुपये प्रति क्विंटल
ज्वार (हाईब्रिड) 4,023 रुपये प्रति क्विंटल
बाजरा 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
मक्का 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
इन दरों से किसानों को यह जानकारी मिलेगी कि सरकारी खरीद व्यवस्था में संबंधित मोटे अनाज के लिए कितनी कीमत निर्धारित की गई है। किसानों को उपज बेचने से पहले अपने जिले में लागू खरीद कार्यक्रम और संबंधित फसल की पात्रता से जुड़ी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा खरीद कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले में धान और मोटे अनाज की खरीद के लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की खरीद 12 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि पूर्वी यूपी में किसानों को 1 नवंबर से सरकारी खरीद का अवसर मिलेगा। वहीं, श्रीअन्न की खरीद 31 दिसंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
मोटे अनाज की खरीद के लिए प्रदेश के जिलों का भी निर्धारण किया गया है। बाजरा 33 जिलों, मक्का 25 जिलों और ज्वार 13 जिलों में खरीदा जाएगा। इसके साथ ही इन फसलों की अलग-अलग किस्मों के लिए एमएसपी तय कर दिया गया है।
कैबिनेट के फैसले के बाद किसानों के लिए अब अपने क्षेत्र में खरीद शुरू होने की तारीख और संबंधित प्रक्रिया की जानकारी रखना जरूरी होगा। सरकारी खरीद केंद्रों से जुड़ी अधिकृत सूचना के आधार पर किसान अपनी उपज बेचने की योजना बना सकेंगे। राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत धान के साथ-साथ मोटे अनाज की खरीद का कार्यक्रम भी निर्धारित कर दिया गया है।





