उत्तर प्रदेश

सरकारी नौकरी और टैटू: किन पदों पर है रोक, कहां मिलती है छूट? जानें पूरी जानकारी

nidhi
24 July 2026 7:07 AM IST
सरकारी नौकरी और टैटू: किन पदों पर है रोक, कहां मिलती है छूट? जानें पूरी जानकारी
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शरीर पर बनवाया टैटू तो सरकारी नौकरी का सपना रह जाएगा अधूरा? जानिए क्या कहते हैं नियम

UTTAR-PRADESH : आजकल युवाओं के बीच टैटू (Tattoo) बनवाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। फैशन, स्टाइल और अपनी पसंद को जाहिर करने के लिए कई लोग शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर टैटू बनवाते हैं। लेकिन अगर आपका सपना सरकारी नौकरी पाने का है, तो टैटू बनवाने से पहले उससे जुड़े नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या शरीर पर टैटू होने से सरकारी नौकरी नहीं मिलती? इसका जवाब सीधा 'हां' या 'नहीं' में नहीं है। अलग-अलग सरकारी विभागों और सेवाओं में टैटू को लेकर अलग-अलग नियम हैं। कुछ सेवाओं में सीमित और निर्धारित स्थान पर टैटू की अनुमति होती है, जबकि कुछ संवेदनशील सेवाओं में इसे लेकर कड़े मानदंड लागू किए जाते हैं।
आइए जानते हैं कि टैटू को लेकर विभिन्न सरकारी नौकरियों में क्या नियम हैं।
क्या सभी सरकारी नौकरियों में टैटू प्रतिबंधित हैं?
नहीं। भारत में सभी सरकारी नौकरियों के लिए एक जैसा नियम नहीं है।
कई विभागों में टैटू होने से कोई समस्या नहीं होती, जबकि भारतीय सशस्त्र बल, अर्धसैनिक बल और कुछ वर्दीधारी सेवाओं में टैटू के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश लागू होते हैं।
इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
सेना में टैटू को लेकर क्या नियम हैं?
भारतीय सेना में टैटू को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं।
आमतौर पर—
बाएं हाथ की अंदरूनी कलाई (Inner Face of Forearm) पर सीमित टैटू की अनुमति हो सकती है।
हथेली के पीछे (Back of Palm) पर कुछ मामलों में टैटू स्वीकार्य हो सकता है।
धार्मिक या जनजातीय परंपराओं से जुड़े टैटू को विशेष परिस्थितियों में अनुमति मिल सकती है।
शरीर के अन्य हिस्सों पर बड़े या आकर्षक टैटू भर्ती प्रक्रिया में समस्या पैदा कर सकते हैं।
मेडिकल परीक्षण के दौरान टैटू की जांच की जाती है।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों में नियम
राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPFs) में टैटू संबंधी नियम भर्ती एजेंसी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
कुछ भर्ती प्रक्रियाओं में—
अश्लील, आपत्तिजनक या हिंसक संदेश वाले टैटू स्वीकार नहीं किए जाते।
चेहरे, गर्दन या आसानी से दिखाई देने वाले हिस्सों पर बने बड़े टैटू आपत्ति का कारण बन सकते हैं।
कई भर्तियों में मेडिकल बोर्ड टैटू की प्रकृति और स्थान के आधार पर निर्णय लेता है।
UPSC और अन्य सिविल सेवाओं में क्या है नियम?
यदि आप UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे, राज्य लोक सेवा आयोग या अधिकांश प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो सामान्यतः टैटू अपने आप में अयोग्यता का कारण नहीं होता।
हालांकि—
टैटू की प्रकृति आपत्तिजनक नहीं होनी चाहिए।
यदि नौकरी की प्रकृति विशेष ड्रेस कोड या मेडिकल मानकों से जुड़ी है, तो अतिरिक्त नियम लागू हो सकते हैं।
किन टैटू से हो सकती है परेशानी?
सरकारी सेवाओं में विशेष रूप से ऐसे टैटू समस्या बन सकते हैं जो—
अश्लील या अभद्र हों।
सांप्रदायिक या नफरत फैलाने वाले संदेश देते हों।
हिंसा या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देते हों।
पूरे हाथ, गर्दन या चेहरे को ढकते हों।
पेशेवर आचरण के मानकों के विपरीत माने जाएं।
मेडिकल टेस्ट में टैटू की जांच कैसे होती है?
वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में मेडिकल बोर्ड उम्मीदवार के टैटू का निरीक्षण करता है।
जांच के दौरान देखा जाता है—
टैटू किस स्थान पर है।
उसका आकार कितना है।
उसका संदेश या डिजाइन क्या है।
क्या वह संबंधित भर्ती के नियमों के अनुरूप है।
यदि टैटू भर्ती नियमों का उल्लंघन करता है, तो उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
टैटू बनवाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
यदि आप भविष्य में सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो—
भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें।
शरीर के ऐसे हिस्सों पर टैटू न बनवाएं जो हमेशा दिखाई देते हों।
आपत्तिजनक डिजाइन या संदेश वाले टैटू से बचें।
स्थायी टैटू बनवाने से पहले संबंधित सेवा के नियमों की जानकारी लें।
यदि सेना या पुलिस में जाने का लक्ष्य है, तो टैटू को लेकर विशेष सावधानी बरतें।
क्या टैटू हटाने से समस्या खत्म हो जाती है?
कुछ मामलों में उम्मीदवार टैटू हटाने का विकल्प चुनते हैं, लेकिन यदि टैटू हटाने के बाद स्पष्ट निशान रह जाते हैं, तो मेडिकल बोर्ड उसकी भी जांच कर सकता है।
इसलिए टैटू बनवाने या हटाने से पहले विशेषज्ञ सलाह और संबंधित भर्ती नियमों की जानकारी लेना बेहतर होता है।

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