उत्तर प्रदेश

16 करोड़ मिले, फिर भी कैंट की सड़कों का कब होगा कायाकल्प

Admin Delhi 1
22 Feb 2023 1:27 PM GMT
16 करोड़ मिले, फिर भी कैंट की सड़कों का कब होगा कायाकल्प
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मेरठ: बजट में छावनी बोर्ड को 16 करोड़ रुपये देने का ऐलान हुआ, लेकिन कैंट क्षेत्र की सड़कों की हालत सुधरती नहीं दिख रही है। कैंट की एक भी सड़क पर अभी तक अधिकारियों ने काम शुरू नहीं कराया। वर्तमान में कैंट की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे गए, जिसके चलते जनता परेशान है । कोई सड़क होगी, जिसमें गड्ढे नहीं है, लेकिन जनता को उम्मीद जगी थी कि अब 16 करोड़ कैंट की सड़कों के लिए सरकार ने दे दिए हैं तो सड़कों का कायाकल्प हो जाएगा, लेकिन यहां पर सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरे गए।

बारिश निकल गई…अब सर्दी भी निकल रही है। दिन का तापमान गर्म होने लगा है। ऐसे में कब बनेगी कैंट क्षेत्र की सड़कें। वर्तमान में जो मौसम चल रहा है, ये सड़क निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता हैं, लेकिन इसमें भी सड़कों को निर्माण नहीं किया जा रहा हैं। क्योंकि 30 अप्रैल को कैंट बोर्ड के आम चुनाव होने जा रहे हैं, जिसका ऐलान और अधिसूचना जारी कर दी गई है। बावजूद इसके सड़कों पर काम क्यों नहीं किया जा रहा है? यह बड़ा सवाल है।

जनता का ही आवागमन इन सड़कों से नहीं होता, बल्कि कैंट के आला अफसर भी इन्हीं सड़कों से आते जाते हैं। सेना के तमाम बड़े अधिकारी इन्हीं सड़कों से आवागमन करते हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब सुधरेगी कैंट की सड़कें। ‘जनवाणी’ टीम ने मंगलवार को कैंट बोर्ड क्षेत्र की सड़कों का ग्राउंड स्तर पर सर्वे किया, जिसमें पाया हनुमान चौक से शहीद योगेंद्र हाट की तरफ जाने वाले रास्ते की सड़कें पूरी तरह टूटी पड़ी है। हनुमान चौक से बॉम्बे बाजार देख लेंगे तो आप वहां से गुजरना बंद कर देंगे।

इतने गहरे गड्ढे यहां सड़कों में बन गए हैं, लेकिन इसका अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ता। अधिकारियों को लिखित में शिकायत भी करें या मौखिक, मगर अधिकारी सुनते ही नहीं है। जब 16 करोड़ का बजट भी आ गया है तो फिर सड़कों की कायाकल्प क्यों नहीं की जा रहा है? आखिर अधिकारी इन सड़कों का टेंडर क्यों नहीं कर रहे हैं? ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर वाली सड़क की भी मरम्मत की गई है। नए सिरे से उसे नहीं बनाया गया है । सोफिया स्कूल से लेकर टैंक चौराहे की तरफ जाने वाला रास्ता भी ऐसा है, जिसमें जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं,

लेकिन उनकी नहीं तो मरम्मत कराई जा रही है और नहीं दोबारा सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। अंदर सिविल क्षेत्र में तो सड़कों का बुरा हाल है। लालकुर्ती थाने से आप मुख्य बाजार में होते हुए जैसे आएंगे तो पूरी सड़क टूटी पड़ी है। इसको जोड़ने वाली संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। इनको ठीक नहीं कराया जा रहा है। अब कैंट बोर्ड के चुनाव सिर पर हैं तो जो पूर्व में पार्षद रह चुके हैं, उनके लिए बड़ा सिरदर्द है। क्योंकि उनके कार्यकाल में सड़कों का निर्माण ही नहीं हो पाया, जो जनता पार्षदों से भी सवाल पूछ रही है।

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