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गोरखपुर के अमरनाथ यादव एशियन गेम्स-2026 में संभालेंगे भारतीय कुश्ती टीम की कमान

गोरखपुर। खेल जगत में गोरखपुर की पहचान लगातार मजबूत हो रही है। जिले के बेलीपार क्षेत्र के भौवापार निवासी अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं कुश्ती कोच अमरनाथ यादव के नाम एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ने जा रही है। उन्हें जापान के नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स-2026 के लिए सीनियर भारतीय कुश्ती टीम का कोच बनाया गया है। कुश्ती स्पर्धाओं के दौरान वह भारतीय खिलाड़ियों के साथ रहकर टीम को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन देंगे।
एशियन गेम्स-2026 में कुश्ती प्रतियोगिताएं 30 सितंबर से तीन अक्टूबर तक आयोजित की जाएंगी। भारतीय कुश्ती दल इसके लिए 26 सितंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से जापान के लिए रवाना होगा। भारतीय टीम के साथ अमरनाथ यादव भी जापान जाएंगे। उनके लिए सीनियर भारतीय टीम के साथ किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कोच के रूप में यह तीसरा अवसर होगा।
अमरनाथ यादव का भारतीय सीनियर कुश्ती टीम के साथ जुड़ना गोरखपुर के लिए भी गौरव का विषय है। बेलीपार क्षेत्र के भौवापार जैसे ग्रामीण इलाके से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने तक का उनका सफर स्थानीय खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का विषय माना जा रहा है। पहलवान के रूप में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के बाद अब वह कोच के तौर पर भारतीय टीम को अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
तीसरी बार सीनियर भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी
अमरनाथ यादव के लिए एशियन गेम्स में भारतीय सीनियर टीम के कोच की जिम्मेदारी मिलना उनके खेल करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे पहले भी वह सीनियर भारतीय कुश्ती टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कोच की भूमिका निभा चुके हैं। नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के दौरान वह भारतीय पहलवानों की तैयारी और मुकाबलों से जुड़ी तकनीकी रणनीति में टीम का हिस्सा रहेंगे।
सीनियर स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की तकनीक, प्रतिद्वंद्वी की रणनीति और मैच की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोच खिलाड़ियों को आवश्यक सलाह देते हैं। अमरनाथ यादव के अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ भारतीय टीम को मिलने की उम्मीद है।
26 सितंबर को जापान रवाना होगा भारतीय दल
भारतीय कुश्ती टीम एशियन गेम्स की कुश्ती स्पर्धाओं के लिए 26 सितंबर को दिल्ली एयरपोर्ट से जापान के लिए रवाना होगी। नागोया पहुंचने के बाद भारतीय दल प्रतियोगिता से पहले तैयारी और आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करेगा। कुश्ती के मुकाबले 30 सितंबर से शुरू होंगे और तीन अक्टूबर तक चलेंगे।
एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ टीम के कोचिंग स्टाफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। अमरनाथ यादव भारतीय सीनियर टीम के साथ रहकर खिलाड़ियों को मुकाबलों के दौरान आवश्यक तकनीकी सहयोग देंगे। उनकी जिम्मेदारी टीम की तैयारी और प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ी होगी।
गोरखपुर के लिए गौरव का अवसर
अमरनाथ यादव का चयन गोरखपुर के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। गोरखपुर में कुश्ती की अपनी मजबूत परंपरा रही है और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहलवान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाते रहे हैं। अब भौवापार निवासी अमरनाथ यादव को भारतीय सीनियर टीम के साथ एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में कोच की जिम्मेदारी मिलना जिले के खिलाड़ियों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है।
अमरनाथ यादव स्वयं अंतरराष्ट्रीय पहलवान रह चुके हैं। खेल के दौरान हासिल किए अनुभव को अब वह कोच के तौर पर नई पीढ़ी के पहलवानों तक पहुंचा रहे हैं। भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के कारण उन्हें अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों और कुश्ती की तकनीकों को करीब से समझने का अवसर भी मिलता है।
ग्रामीण क्षेत्र से अंतरराष्ट्रीय मंच तक सफर
बेलीपार क्षेत्र के भौवापार निवासी अमरनाथ यादव की उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक अपनी जगह बनाई है। उनका सफर उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
पहलवान के रूप में अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने के बाद कोच के रूप में भारतीय सीनियर टीम से जुड़ना उनके खेल जीवन में बदलाव को भी दर्शाता है। अब उनका ध्यान खिलाड़ियों की तैयारी, तकनीकी सुधार और प्रतियोगिता के दौरान बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन देने पर रहेगा।
नागोया में होगी कुश्ती की चुनौती
एशियन गेम्स-2026 के तहत नागोया में होने वाली कुश्ती प्रतियोगिता भारतीय पहलवानों के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगी। 30 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चलने वाली स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में चुनौती पेश करेंगे। ऐसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ता है।
अमरनाथ यादव कोच के रूप में खिलाड़ियों के साथ रहकर मुकाबलों की तैयारी में सहयोग करेंगे। उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और कुश्ती की समझ का इस्तेमाल टीम की तैयारी में किया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान मैच की परिस्थितियों के अनुसार खिलाड़ियों को तकनीकी सलाह देना भी कोचिंग टीम की जिम्मेदारी का हिस्सा होगा।
अमरनाथ यादव के लिए यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि सीनियर भारतीय टीम के साथ किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कोच के तौर पर यह उनका तीसरा मौका होगा। लगातार भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलना उनके कोचिंग अनुभव को भी दर्शाता है।
26 सितंबर को भारतीय दल के जापान रवाना होने के साथ ही अमरनाथ यादव की नई अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी की शुरुआत होगी। 30 सितंबर से तीन अक्टूबर तक कुश्ती स्पर्धाओं के दौरान वह भारतीय पहलवानों के साथ मौजूद रहेंगे। गोरखपुर के भौवापार से निकलकर भारतीय सीनियर कुश्ती टीम के कोच की भूमिका तक पहुंचना अमरनाथ यादव के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ गोरखपुर के खेल जगत के लिए भी उल्लेखनीय अवसर है।





