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Gorakhpur : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 24 घंटे में 75 मिमी बारिश दर्ज

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मानसून सीजन में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बारिश का दौर शुरू हो गया है। रविवार को जिले में बादल जमकर बरसे और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। इस मानसून सीजन में पहली बार गोरखपुर में मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में 75 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक बारिश है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। विभाग ने सोमवार और मंगलवार को गोरखपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इससे लोगों को जहां गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं जलभराव जैसी समस्याओं को लेकर प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
रविवार को हुई बारिश ने मानसून की धीमी शुरुआत से परेशान लोगों के चेहरे पर खुशी ला दी। पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हो रही थी। लोग उमस और गर्मी से परेशान थे। ऐसे में रविवार की बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को 24 घंटे के दौरान गोरखपुर में 75 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह बारिश इस मानसून सीजन की सबसे अधिक बारिश रही है। इससे पहले जिले में हल्की बूंदाबांदी और छिटपुट बारिश ही देखने को मिली थी।
बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। रविवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और दोपहर बाद कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर बारिश काफी देर तक जारी रही।
किसानों के लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है। धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई और रोपाई के लिए पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब उम्मीद जगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश को खेती के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसानों का कहना है कि मानसून की शुरुआत में अपेक्षित बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी महसूस हो रही थी। अब हुई बारिश से खेतों में पानी पहुंचा है और फसलों को फायदा मिलेगा। हालांकि, लगातार अच्छी बारिश होना जरूरी है ताकि कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकें।
मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम संबंधी सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसी के प्रभाव से पूर्वांचल के जिलों में भी बारिश का दौर शुरू हुआ है।
गोरखपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है।
हालांकि, बारिश के बाद शहर के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल सकती है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। हर साल मानसून के दौरान शहर के कई हिस्सों में पानी भरने की समस्या सामने आती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन अगर लगातार तेज बारिश हुई तो जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है। लोगों ने प्रशासन से पहले से तैयार रहने की मांग की है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बारिश का असमान वितरण सामान्य प्रक्रिया है। कई बार शुरुआती दिनों में कम बारिश होती है और बाद में सक्रिय सिस्टम बनने पर बारिश की गति बढ़ जाती है।
फिलहाल गोरखपुर में मानसून सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। रविवार की 75 मिलीमीटर बारिश ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं मौसम विभाग के भारी बारिश के अनुमान से आने वाले दिनों में और बारिश की उम्मीद बढ़ गई है। प्रशासन और आम लोगों को अब मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।





