उत्तर प्रदेश

चाऊमीन खाने से बच्ची की मौत, सांस की नली में फंसे नूडल्स बने जानलेवा

Kavita2
20 Oct 2026 2:45 PM IST
चाऊमीन खाने से बच्ची की मौत, सांस की नली में फंसे नूडल्स बने जानलेवा
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एटा। अगर आप या आपके बच्चे चाऊमीन और नूडल्स खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। खाने-पीने के दौरान बरती गई छोटी सी लापरवाही कभी-कभी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। उत्तर प्रदेश के एटा जिले के मिरहची क्षेत्र से सामने आई एक दुखद घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। यहां तनू नाम की बच्ची की कथित तौर पर चाऊमीन खाने के दौरान सांस की नली में नूडल्स फंसने से मौत हो गई। इस घटना के बाद चिकित्सकों ने लोगों, विशेषकर छोटे बच्चों के माता-पिता को भोजन करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि नूडल्स जैसे लंबे और चिकने खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए, ताकि उनके सांस की नली में जाने का खतरा कम हो सके।

चाऊमीन खाते समय हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, मिरहची की रहने वाली तनू के साथ यह दुखद घटना चाऊमीन खाने के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि चाऊमीन का एक हिस्सा उसकी सांस की नली में फंस गया, जिससे उसे सांस लेने में परेशानी हुई और उसकी मौत हो गई।

इस घटना ने बच्चों की खानपान संबंधी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर बच्चे नूडल्स और चाऊमीन बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन जल्दबाजी में खाना निगलना या बिना ठीक से चबाए खाना खतरनाक हो सकता है।

हालांकि, बच्ची की मौत के सटीक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिपोर्ट से ही की जा सकती है।

डॉक्टर ने बताया कैसे सांस की नली में फंस जाते हैं नूडल्स

मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा ने बताया कि सांस की नली को विंड पाइप कहा जाता है। सामान्य रूप से भोजन निगलते समय वह भोजन नली के रास्ते पेट तक पहुंचता है। लेकिन अगर भोजन का कोई हिस्सा गलती से सांस की नली में चला जाए, तो सांस लेने में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है।

डॉक्टर के अनुसार, नूडल्स लंबे और चिकने होते हैं। यदि उन्हें अच्छी तरह चबाए बिना निगल लिया जाए, तो गले में फंसने या सांस की नली में जाने का खतरा हो सकता है।

डॉ. चंद्रा ने बताया कि तनू के मामले में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसी ही आशंका दिखाई देती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि चाऊमीन खाते समय छोटे निवाले लें और भोजन को पूरी तरह चबाने के बाद ही निगलें।

खाते समय हंसना और बोलना भी हो सकता है खतरनाक

चिकित्सकों के अनुसार, भोजन करते समय लगातार हंसना, बोलना या जल्दबाजी करना निगलने की सामान्य प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।

हमारे गले में एपिग्लॉटिस नाम की संरचना होती है, जो भोजन निगलते समय सांस की नली के प्रवेश द्वार की सुरक्षा में मदद करती है। हालांकि, यह प्रक्रिया कई मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के समन्वय से होती है। यदि खाते समय भोजन का कोई हिस्सा गलत रास्ते में चला जाए, तो व्यक्ति को अचानक खांसी आने या सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

कभी-कभी भोजन का टुकड़ा सांस की नली को पूरी तरह अवरुद्ध कर देता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति बोल नहीं पाता, प्रभावी ढंग से खांस नहीं पाता और पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने से बेहोश भी हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन करते समय बैठकर खाना और ध्यानपूर्वक चबाना सुरक्षित आदतों में शामिल है।

छोटे बच्चों को चाऊमीन खिलाते समय रखें विशेष सावधानी

डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों को नूडल्स खिलाते समय माता-पिता को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों की भोजन चबाने और निगलने की क्षमता उनकी उम्र और विकास के अनुसार अलग-अलग होती है।

छोटे बच्चों को लंबी नूडल्स की लच्छियां सीधे देने के बजाय उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर देना चाहिए। बच्चों को खाना खिलाते समय किसी जिम्मेदार वयस्क का पास मौजूद रहना जरूरी है।

डॉ. एस. चंद्रा ने सलाह दी कि चाऊमीन खाते समय चम्मच में बहुत अधिक मात्रा न उठाएं। छोटे निवाले लेकर भोजन को अच्छी तरह चबाएं। जल्दबाजी में खाने और बड़े निवाले निगलने से बचना चाहिए।

सांस की नली में खाना फंस जाए तो तुरंत क्या करें?

चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भोजन करते समय किसी व्यक्ति को अचानक सांस लेने में कठिनाई हो, वह बोल न पाए या प्रभावी ढंग से खांस न सके, तो यह गंभीर चोकिंग का संकेत हो सकता है।

ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए। भारत में 112 नंबर पर आपातकालीन सहायता मांगी जा सकती है।

एक वर्ष से बड़े बच्चे या वयस्क की सांस की नली पूरी तरह अवरुद्ध होने पर प्रशिक्षित व्यक्ति पांच बार पीठ के बीच में थपकी और आवश्यकता पड़ने पर पांच बार पेट पर अंदर तथा ऊपर की ओर दबाव देने की तकनीक अपना सकता है। एक वर्ष से छोटे शिशुओं के लिए अलग तकनीक होती है, जिसमें पेट पर दबाव नहीं दिया जाता। यदि व्यक्ति बेहोश हो जाए तो तुरंत सीपीआर की आवश्यकता पड़ सकती है।

बिना देखे मुंह में उंगली डालकर फंसी वस्तु निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे वह और भीतर जा सकती है।

माता-पिता के लिए चेतावनी बनी तनू की घटना

मिरहची की तनू की मौत की घटना बच्चों की भोजन संबंधी सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। चिकित्सकों का कहना है कि केवल नूडल्स ही नहीं, बल्कि भोजन का कोई भी बड़ा या ठीक से न चबाया गया टुकड़ा सांस की नली में फंसकर खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है।

इसलिए बच्चों को हमेशा बैठाकर, छोटे निवाले देकर और निगरानी में खाना खिलाना चाहिए। भोजन करते समय दौड़ने, खेलने या हंसने से भी बचाना जरूरी है।

तनू की घटना ने यह संदेश दिया है कि खाने की आदतों में छोटी-छोटी सावधानियां गंभीर हादसों का जोखिम कम कर सकती हैं। अभिभावकों को बच्चों को भोजन सुरक्षित तरीके से खाने की आदत सिखाने के साथ चोकिंग की प्राथमिक चिकित्सा के बारे में भी जागरूक रहना चाहिए।

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