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उत्तर प्रदेश
काशी को नई ट्रेनों की सौगात, सीएम योगी बोले- लाखों श्रद्धालुओं को होगा लाभ
Ratna Netam
31 Oct 2026 7:58 PM IST

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई रेल सेवाओं की शुरुआत को तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि रेल संपर्क के विस्तार से लाखों श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा और धार्मिक स्थलों तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक होगा। मुख्यमंत्री ने रेल सेवाओं के विस्तार को यात्रियों की सुविधा, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास से जोड़ते हुए कहा कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब वाराणसी सहित उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक नगरों में रेलवे की सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रेल संपर्क में सुधार से यात्रियों को आवागमन के अधिक विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर रेल संपर्क पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल सेवाओं से तीर्थयात्रियों को विशेष लाभ होगा। धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग रेलवे पर निर्भर रहते हैं। विशेष रूप से त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और छुट्टियों के दौरान प्रमुख तीर्थस्थलों की ओर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है।ऐसी परिस्थितियों में अतिरिक्त रेल सेवाएं और बेहतर संपर्क यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इससे लोगों को यात्रा की योजना बनाने में अधिक विकल्प मिल सकते हैं और मौजूदा रेल सेवाओं पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।मुख्यमंत्री के बयान में धार्मिक पर्यटन के साथ आम यात्रियों की जरूरतों को भी महत्व दिया गया। रेलवे का उपयोग केवल तीर्थयात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य यात्री भी नियमित रूप से इन मार्गों पर सफर करते हैं।
वाराणसी से तीन नई रेल सेवाओं की शुरुआत
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से तीन प्रमुख रेल सेवाओं का शुभारंभ किया। इनमें वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू सेवा और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू सेवा शामिल हैं।इन ट्रेनों के शुरू होने से लंबी दूरी के यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे काशी और पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
दिल्ली से काशी का सफर होगा सुविधाजनक
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है। यह ट्रेन आधुनिक यात्री सुविधाओं और सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित है।ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलकर अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी।यह ट्रेन प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में रुकेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों दिशाओं में सप्ताह में छह दिन सेवा उपलब्ध रहेगी।नई रेल सेवा से दिल्ली और काशी के बीच यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को रात्रिकालीन सफर का नया विकल्प मिलेगा।
प्रयागराज और वाराणसी के बीच बेहतर संपर्क
बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच नई मेमू ट्रेन सेवा भी शुरू की गई है। दोनों शहर धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू सेवा का संचालन प्रतिदिन किया जाएगा। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, बनारस से सुबह सात बजे चलने वाली ट्रेन सुबह 9:50 बजे प्रयागराज रामबाग पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन शाम छह बजे प्रयागराज रामबाग से रवाना होकर रात 8:30 बजे बनारस पहुंचेगी।इस सेवा से दोनों शहरों के बीच नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, छोटे व्यापारियों और धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
राजातालाब के यात्रियों को भी मिली सौगात
वाराणसी सिटी और राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों की शुरुआत भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन सेवाओं से शहर के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को रेल परिवहन की सुविधा मिलेगी।स्थानीय रेल सेवाएं उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होती हैं, जिन्हें रोजगार, शिक्षा, व्यापार या अन्य दैनिक कार्यों के लिए शहर आना-जाना पड़ता है।रेलवे ने मेमू ट्रेनों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की है। इन सुविधाओं से यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा लाभ
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी प्रकार प्रयागराज धार्मिक आयोजनों और संगम स्नान के लिए प्रसिद्ध है।दोनों शहरों के बीच बेहतर रेल संपर्क से तीर्थयात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है। दिल्ली से वाराणसी के लिए नई स्लीपर ट्रेन शुरू होने से लंबी दूरी के श्रद्धालुओं को भी अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेगा।बेहतर रेल संपर्क का प्रभाव होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय व्यापार से जुड़े कारोबारों पर भी पड़ सकता है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने पर इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना रहती है।
रेलवे के आधुनिकीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई रेल सेवाओं को आधुनिक भारत की बदलती परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे की सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने भी वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नई ट्रेन से दिल्ली और काशी के बीच यात्रा का अनुभव बेहतर होगा तथा यात्रियों के समय की बचत होगी।
लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पहल
वाराणसी से नई रेल सेवाओं की शुरुआत को उत्तर प्रदेश में परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे धार्मिक यात्राओं के साथ दैनिक आवागमन और लंबी दूरी की यात्रा के विकल्प बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास जताया कि इन सुविधाओं का लाभ बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों और आम नागरिकों को मिलेगा।नई सेवाओं के नियमित संचालन, समयपालन और यात्रियों की प्रतिक्रिया से आने वाले दिनों में इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
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