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Ghazipur: बाइक चोरी की घटनाओं से उठा पर्दा, गिरोह के सदस्य गिरफ्तार

गाजीपुर: जिले में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं के बीच गाजीपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर कोतवाली क्षेत्र में चलाए जा रहे वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक अंतरजनपदीय बाइक लिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 11 चोरी की बाइक और 2 अवैध तमंचे बरामद किए गए हैं।
चोरी और शौक में था सीधा संबंध
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह चोरी की गई बाइक का नंबर प्लेट बदलकर उन्हें सस्ते दामों में बेच दिया करता था। इस अवैध धंधे से कमाए पैसों से आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करते थे। गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी से न सिर्फ बाइक चोरी की कई वारदातें सुलझ गईं, बल्कि इस तरह के संगठित अपराधों के नेटवर्क पर भी पुलिस ने प्रहार किया है।
गिरफ्तार आरोपी और उनका आपराधिक खेल
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है : बिट्टू कुमार, पुत्र गुड्डू राम, निवासी ग्राम बहलीपुर, थाना सरायलखंसी, जनपद मऊ, नफीस अंसारी, पुत्र पप्पू अंसारी, निवासी शेखपुरा, थाना कोतवाली, गाजीपुर, रवि कुमार बिंद, पुत्र सिंहासन बिंद, निवासी ग्राम चकिया, थाना सुहवल, जनपद गाजीपुर।
तीनों आरोपियों ने मिलकर गाजीपुर, मऊ और आसपास के जिलों से बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल 11 बाइकें बरामद की हैं।
एसपी सिटी ने की कार्रवाई की पुष्टि
इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया, “अंधऊ क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान तीन अंतर्जनपदीय बाइक चोरों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी तलाशी लेने पर चोरी की बाइकें और दो अवैध तमंचे बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये लोग बाइक चुराकर नंबर प्लेट बदल देते थे और फिर उसे बेचकर अपने शौक पूरे करते थे।”
एसपी सिटी ने बताया कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से जिले में बाइक चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही, इनके अन्य साथियों की तलाश और गिरोह के नेटवर्क को खंगालने का काम भी जारी है।
स्थानीय पुलिस की सक्रियता बनी मिसाल
सदर कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि सतर्कता और लगातार अभियान से संगठित अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। वाहन चेकिंग जैसे अभियानों से न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगता है, बल्कि अपराधियों को पकड़ने में भी आसानी होती है।
फिलहाल तीनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस आगे की जांच में जुटी है।





