उत्तर प्रदेश

Ghaziabad: 80 फीट की ऊंचाई से गिरने से तीन बहनों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट

Admindelhi1
6 Feb 2026 6:42 PM IST
Ghaziabad: 80 फीट की ऊंचाई से गिरने से तीन बहनों की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट
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गाजियाबाद: तीनों नाबालिग बहनों की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों बहनें करीब 80 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरी थीं, जिससे उनकी सभी पसलियां टूट गईं और हृदय, लिवर, गुर्दा समेत अंदरूनी अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। अधिक मात्रा में खून बहने (हेमरेज) के कारण तीनों की मौत हो गई।

पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के अनुसार, केवल दूसरे नंबर की बहन प्राची के सिर की हड्डी नहीं टूटी थी। डॉक्टरों का कहना है कि अगर प्राची को समय रहते इलाज मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी बच्ची के शरीर पर पुराने घाव या चोट के निशान नहीं पाए गए।

खाने की स्थिति से समय का संकेत

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी बहन निशिका के पेट में केवल 50 ग्राम खाना मिला, जिससे संकेत मिलता है कि उसने दोपहर के बाद कुछ नहीं खाया था। वहीं प्राची और पाखी के पेट में 250 से 300 ग्राम खाना मिला, जिससे पता चलता है कि दोनों ने रात में भोजन किया था। मौत का कारण स्पष्ट होने के चलते बिसरा सुरक्षित नहीं रखा गया।

पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों के पैनल—एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम, पीएससी के डॉ. नीरज और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता—द्वारा किया गया। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि नीचे गिरने से शरीर के अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और तीनों की मौत हो गई।

सुसाइड नोट और कोरियन कनेक्शन की जांच

पुलिस को घटनास्थल से आठ पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा गया है कि किशोरियां अपनी सबसे छोटी बहन देबू की कोरियन दोस्तों से बात कराती थीं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों बहनों ने कोरियन दोस्त कैसे बनाए और वे किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में थीं।

जिस कमरे की खिड़की से तीनों ने छलांग लगाई थी, वहां से मां का मोबाइल फोन मिला, जिसकी साइबर टीम ने जांच की। शुरुआती जांच में मोबाइल में कोई कोरियन एप, गेम या ऑनलाइन टास्क गेम नहीं मिला है।

बिके मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम

जांच में सामने आया है कि करीब छह महीने पहले पिता चेतन कुमार ने निशिका और प्राची को मोबाइल फोन दिलवाए थे, लेकिन तीन महीने पहले एक और 10 दिन पहले दूसरा मोबाइल फोन छीनकर बेच दिया गया था। पुलिस अब दोनों मोबाइल फोन के IMEI नंबर ट्रेस कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं मोबाइल फोन से कोरियन कनेक्शन की गुत्थी सुलझ सकती है।

पिता का दावा और पारिवारिक जानकारी

हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन टास्क गेम की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पिता चेतन कुमार का कहना है कि उनकी बेटियां पिछले तीन साल से कोरियन टास्क गेम खेल रही थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं। उन्होंने बताया कि बेटियां पहले पढ़ाई में फेल होने के बाद शर्म के कारण स्कूल जाना छोड़ चुकी थीं और अधिकतर समय मोबाइल पर ही रहती थीं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों बहनें हमेशा एक साथ रहती थीं। 14 वर्षीय प्राची को लीडर माना जा रहा है, जो यह तय करती थी कि तीनों क्या करेंगी। परिजनों के अनुसार, तीनों बहनें नहाने से लेकर खाना खाने तक, हर काम साथ करती थीं और काफी जिद्दी स्वभाव की थीं। पोस्टमार्टम के बाद तीनों बहनों के शवों का निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

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