उत्तर प्रदेश

Ghaziabad: बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Admindelhi1
14 Jun 2025 12:00 PM IST
Ghaziabad: बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
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"हत्या के दोषी को आजीवन कारावास"

गाजियाबाद: 15 जनवरी 2025 को लिंक रोड थाना क्षेत्र में पांच वर्ष की बच्ची का घर से अपहरण करने के बाद और दुष्कर्म व हत्या करने के मामले में सोमवार को विशेष पॉक्सो न्यायाधीश नीरज गौतम ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों आरोप सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने दोषी पर 1.70 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाने के दौरान न्यायाधीश नीरज गौतम ने कहा कि दोषी ने बहुत ही जघन्य व घिनौना अपराध किया है। सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शानुसार दोषी को प्रत्येक आरोपों के लिए आजीवन कारावास की अलग-अलग सजा सुनाई जाती है। आॅपरेशन कन्वेंशन के अंतर्गत बच्ची को इंसाफ दिलाने में अभियोजन पक्ष और पुलिस की अहम भूमिका रही। पुलिस ने मात्र 12 दिन में ही चार्जशीट और डीएनए रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।

विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि लिंक रोड थाना क्षेत्र में बच्ची 15 जनवरी की शाम घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान वह लापता हो गई। मां ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसी दिन पुलिस ने कौशांबी के पास मुठभेड़ के बाद एक युवक को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार युवक की पहचान 19 वर्षीय नूर आलम उर्फ राजू के रूप में हुई। नूर आलम एक स्कूल बस में हेल्पर था। वह रात में बस में ही सोता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर के बाहर खेल रही बच्ची को खाद्य पदार्थ दिलाने के बहाने बहला फुसलाकर बस में लेकर आया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

दुष्कर्म करने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। बच्ची के शव का मुंह बांधकर बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल के निर्देश पर मामले की विवेचना लिंक रोड थाना प्रभारी प्रीति सिंह को सौंपी गई। तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश उपाध्याय की निगरानी में प्रीति सिंह ने 12 दिन में विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। 12 दिन के भीतर ही डीएनए रिपोर्ट भी पेश कर दी। इसके अलावा अन्य तमाम साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। पांच महीने में 10 लोगों की गवाही हुई। दो चश्मदीद गवाह भी कोर्ट में पेश हुए। डीएनए रिपोर्ट भी मिलान कर गई। साक्ष्य व गवाहों के आधार पर नीरज गौतम (विशेष न्यायाधीश) की कोर्ट में लगातार सुनवाई हुई। दोष सिद्ध होने पर दोषी के वकील ने कम से कम सजा की मांग रखी।

विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि तीन मामलों में दोषी को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बीएनएस 103 यानी हत्या की धारा, बीएनएस 65 यानी 12 वर्ष से कम आयु की बच्ची से दुष्कर्म, 5 एम/6 यानी पॉक्सो के तहत सजा सुनाई। एक लाख 70 हजार रुपये जुमार्ना भी लगाया। अर्थदंड की रकम से एक लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।

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