उत्तर प्रदेश

Ghaziabad: विकास प्राधिकरण ने दो माह में 100 से अधिक अवैध निर्माण ढहाए

Admindelhi1
17 March 2025 4:55 PM IST
Ghaziabad: विकास प्राधिकरण ने दो माह में 100 से अधिक अवैध निर्माण ढहाए
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"अवैध निर्माण पर कड़ा एक्शन"

गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा में हुए अवैध निर्माण पर पिछले कई माह से बुलडोजर गरज रहा है। दो माह में जीडीए के प्रवर्तन विभाग ने 100 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए हैं। मार्च 2024 में जीडीए के उपाध्यक्ष के रूप में आईएएस अतुल वत्स ने कार्यभार ग्रहण किया था।

जीडीए उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही अतुल वत्स अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने कमान संभालते ही भूमाफियाओं पर सख्ती दिखाना शुरू कर दिया। जीडीए के प्रवर्तन विभाग को उपाध्यक्ष ने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी हालत में प्राधिकरण की सीमा में अवैध निर्माण ना होने पाए। निर्देश के बाद से अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। जीडीए वीसी अतुल वत्स की सख्ती का नतीजा है कि अवैध निर्माण में अब कमी आने लगी है।

दो माह में 100 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त: जीडीए के प्रवर्तन विभाग ने दो माह में 100 से अधिक अवैध कालोनियों और निर्माण को ध्वस्त किया है। सबसे अधिक अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही मेरठ रोड पर की गई है। सबसे अधिक अवैध निर्माण दुहाई, मोरटा, मोरटी, राजनगर एक्सटेंशन, गुलधर और मुरादनगर में किया गया था। इन सभी स्थानों पर जीडीए ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाते हुए अधिकांश को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा प्राधिकरण ने अपनी वेबसाइट के पेज पर भी अवैध कॉलोनियों की लिस्ट डाली हुई है।

अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के साथ एफआईआर: अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के साथ ही प्राधिकरण इनके जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करा रहा है। जिससे कि आगे भविष्य में इनके द्वारा फिर से किसी प्रकार का अवैध निर्माण ना कराया जा सके। जीडीए वीसी अतुल वत्स का कहना है कि प्राधिकरण की सीमा में किसी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत होने के बाद ही निर्माण करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लोग अवैध कॉलोनियों में फ्लैट या भूखंड ना खरीदें इसके लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के दौरान भी मौके पर नोटिस चस्पा किया जा रहा है। जिससे कि लोग भवन, भूखंड खरीदते समय सचेत रहें।

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