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Ghaziabad: अदालत ने साले की हत्या में जीजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

गाजियाबाद: चार साल पहले लोनी में दो लाख रुपये नहीं देने पर छुरा मारकर साले की हत्या करने के दोषी जीजा आजाद उर्फ एजाज को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश रोहित अग्रवाल ने दोषी पर 56,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से दो तिहाई 37,666 रुपये मृतक के परिजनों को देने का आदेश दिया है। दोषी को सजा दिलाने में उसकी पत्नी मोमिना की गवाही अहम रही।
अदालत में मोमिना ने बयान दिया था कि आजाद उर्फ एजाज से लगभग बीस साल पहले उनका निकाह हुआ था। शादी के बाद से ही उसे परेशान करता था। वह कहता था कि उसे छोड़ेगा, क्योंकि वह काली है। उसे मारता-पीटता था। घर से निकाल देता था और कहता था कि पैसे लेकर आएगी तभी घर में रखेगा। घटना से पहले ही वह छह महीने से मायके में रह रही थी। घटना से एक रात पहले आजाद उर्फ एजाज मोमिना को तलाक देकर गया था।
भाई ने दर्ज कराई थी हत्या की रिपोर्ट: लोनी थाने में 13 मार्च 2021 को शहजाद ने तहरीर दी थी। बताया था कि 13 मार्च की सुबह करीब सात बजे बहनोई आजाद उर्फ एजाज उनके घर मोहल्ला बुद्धनगर आया था। उस समय उनकी बहन मोमीना भी घर पर उपस्थित थीं। आजाद ने दो लाख रुपये की मांग की थी। उन लोगों के समझाने पर भी वह नहीं माना। गाली-गलौज करते हुए आजाद ने छुरे से हमला कर दिया। आजाद ने साले शमशाद अली के पेट में छुरे से वार कर दिया। इसके बाद वह मौके से भाग गया। गंभीर रूप से घायल शमशाद अली को जीटीबी अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया। वहां पर जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। आजाद के हमले के दौरान बीच-बचाव करने में शहजाद और उनके भाई दिलशाद के हाथ में भी चोट लग गयी थी। मुकदमे में गवाही के दौरान दोषी आजाद के खिलाफ उसकी पत्नी मोमिना, साला शहजाद व दिलशाद सहित अन्य रिश्तेदारों ने गवाही दी थी। पुलिस ने सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 13 गवाह और 14 साक्ष्य अदालत में पेश किया था।





