उत्तर प्रदेश

Ganganagar: जिला कलेक्टर ने हीट एक्शन प्लान को लेकर विभागों को आवंटित किये कार्य

Tara Tandi
22 May 2025 6:32 PM IST
Ganganagar: जिला कलेक्टर ने हीट एक्शन प्लान को लेकर विभागों को आवंटित किये कार्य
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Ganganagar गंगानगर । जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार वर्ष 2025 के लिये हीट एक्शन प्लान चिकित्सा विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों से समन्वय के लिये आवंटित कार्यों को सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया है।
हीट एक्शन प्लान के अनुसार आवंटित कार्यों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू-तापघात के बारे में आमुखीकरण करना, जिले में आयोजित किये गये खण्ड स्तर की बैठकों में एएनएम, जीएनएम एवं सीएचओ, आशाओं को अपने क्षेत्र से लू-तापघात के बारे में सेन्सीटाईज करना, 108, 104 एम्बुलेंस जीवन रक्षक औषधियां ओआरएस व आईवी फलूड की व्यवस्था करना, आरआरटी व मोबाइल चिकित्सा बलों की व्यवस्था, लू-तापघात से पीड़ित रोगियों के लिये अलग वार्ड में रखने की व्यवस्था, चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त बेड आरक्षित करना, पानी की व्यवस्था, आपातकालीन किट की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। लू-तापघात वाले मरीजों व उनके अटेंडेंट हेतु शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वार्ड में कूलर व पंखे की व्यवस्था, विभिन्न माध्यमों से आमजन को जागरूक करना, नरेगा में कार्य करने वाले लोगों का स्वास्थ्य जांच करने, उन्हें दवाईयां व ओआरएस का पैकेट दिया जाना, पीने के पानी की शुद्धता की जांच तथा अग्नि सुरक्षा हेतु एनओसी प्रमाण पत्र के संबंध में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों, राजकीय व निजी को आदेश जारी करने का कार्य किया जायेगा।
इसी प्रकार श्रम एवं रोजगार विभाग द्वारा लू-तापघात के लिये शिविर लगाकर जानकारी देना, मजदूरों का समय निर्धारण, कार्य स्थल पर ठण्डे पानी की व्यवस्था, प्राईवेट सेक्टर के मजदूरों का भी समय निर्धारण के निर्देश देने का कार्य किया जायेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के लिये शीतल पेयजल की व्यवस्था व आंगनबाड़ी का समय निर्धारण करना होगा। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की सुरक्षा, दवाइयां, पशुओं के पीने का पानी व छाया की व्यवस्था, ग्रामीण स्तर के स्टाफ को सतर्क करने, पशुपालकों को जागृत करने, ग्रामीण व शहरी गौशालाओं में पशुओं के बचाव की जानकारी देना, आयुर्वेद विभाग चिकित्सा विभाग के साथ समन्वय कर सहयोग के साथ-साथ लू के बचाव हेतु आयुर्वेदिक हर्बल जूस की व्यवस्था, लोगों को जागरूक करने हेतु चिकित्सालय व सोशल मीडिया के माध्मय से प्रचार-प्रसार करने का कार्य किया जायेगा।
इसी प्रकार पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण स्तर पर जनप्रतिनिधियों व कार्मिकों को निर्देशित करना कि लू-तापघात से ग्रसित व्यक्ति की जानकारी तुरन्त दें, आमजन को जागरूक करना, साफ-सफाई व स्वच्छता कार्यक्रमों को प्रोत्साहन, नरेगा स्थल पर छाया, पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना, शिक्षा विभाग शिक्षण संस्थानों में शुद्ध व ठण्डा पेयजल, छायादार स्थानों में प्रार्थना की व्यवस्था, स्कूल समय का निर्धारण तथा खुले में पढाने पर प्रतिबंध जैसे कार्य करना, वन विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थानों, सड़क किनारे पौधे लगाना, वन क्षेत्र की निगरानी, वन क्षेत्र में पीने के पानी व छाया की व्यवस्था, जंगली जानवरों व पक्षियों के लिये वन क्षेत्र के तालाब व पोखरों की देखभाल के कार्य, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शुद्ध पेयजल, पानी सप्लाई में ब्लीचिंग, क्लोरिनेटेड पानी की सप्लाई, खराब हेण्डपम्प ठीक करना, दुर्गम स्थानों पर टेंकरों से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, गांवों में एसएलआर और जीएलआर की सफाई कर दिनांक लिखना, टूटी पाइपलाइन व लीकेज को ठीक करने का कार्य करवाया जायेगा।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा लू-तापघात की मॉनिटरिंग के लिये डैशबोर्ड तैयार कर बल्क में चेतावनी एसएमएस भेजना, दूरदर्शन, रेडियो द्वारा आमजन को जागरूक करने के कार्यक्रम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लू-तापघात की जानकारी के कार्यक्रम आयोजित करना, पीडब्ल्यूडी द्वारा जिले के सभी राष्ट्रीय मार्गों के टोल नाकों पर लू से बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित करना एवं विद्युत विभाग द्वारा विद्युत की निर्बाध आपूर्ति एवं आंधी तूफान के दौरान व्यवधान आने पर अतिशीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने का कार्य सुनिश्चित किया जाये।
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