उत्तर प्रदेश

वाराणसी घाटों पर चढ़ा गंगा का पानी, आरती स्थल प्रभावित

Saba Naaz
23 July 2026 6:31 PM IST
वाराणसी घाटों पर चढ़ा गंगा का पानी, आरती स्थल प्रभावित
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वाराणसी। सावन माह शुरू होने से पहले ही काशी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गंगा के बढ़ते पानी ने वाराणसी के घाटों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और करीब 10 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी ऊपर आ रहा है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 60.97 मीटर तक पहुंच गया, जिसके बाद घाटों पर प्रशासन की निगरानी और बढ़ा दी गई है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर घाटों पर देखने को मिल रहा है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं और घाट किनारे बने छोटे-बड़े मंदिरों में भी पानी प्रवेश कर गया है। शीतला घाट के नीचे स्थित कई छोटे मंदिर और वहां स्थापित विग्रह जलमग्न हो चुके हैं। इसके अलावा नदी में बड़ी मात्रा में जलकुंभी भी बहकर आ रही है, जिससे नाव संचालन में भी परेशानी बढ़ रही है।

प्रशासन के अनुसार, गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग की टीम नियमित रूप से जलस्तर की निगरानी कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा इंतजामों को बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। लोग गंगा स्नान करने और कांवड़ यात्रा के लिए जल भरने घाटों पर आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। घाटों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और जेटी पर विशेष मार्किंग कराई गई है, ताकि लोग सुरक्षित क्षेत्र में ही रहें।

जल पुलिस के प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे गहरे पानी में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे का पालन करें। नाव चालकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। कई स्थानों पर आरती स्थल प्रभावित हुए हैं और कुछ जगहों पर पूजा-पाठ के लिए स्थान बदलने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, गंगा आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए प्रशासन और आयोजक मिलकर व्यवस्था कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार सावन के पहले ही पानी तेजी से बढ़ने से चिंता बढ़ गई है। घाट किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।

प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। साथ ही घाटों पर तैनात जवान श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान और आवागमन के लिए निर्देश दे रहे हैं।

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

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