उत्तर प्रदेश

वाराणसी में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर छह दिन बाद शुरू हुई वृद्धि प्रशासन अलर्ट

Kavita2
29 Aug 2026 9:05 AM IST
वाराणसी में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर छह दिन बाद शुरू हुई वृद्धि प्रशासन अलर्ट
x

वाराणसी : गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई है। सावन के अंतिम दिन शुक्रवार से गंगा का पानी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। हालांकि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार फिलहाल काफी धीमी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा के जलस्तर में करीब दो घंटे में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है। लगातार छह दिनों तक घटने के बाद गंगा के जलस्तर में यह बदलाव देखने को मिला है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन और आपदा विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूर्वांचल समेत गंगा के ऊपरी क्षेत्रों में इस सप्ताह हुई भारी बारिश के कारण नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की स्थिति बनी है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर अब गंगा के जल प्रवाह पर दिखाई देने लगा है।

केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में गंगा के जलस्तर में फिलहाल मामूली वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर बढ़ने की गति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।

इससे पहले गंगा का जलस्तर लगातार छह दिनों तक कम हो रहा था। नदी का पानी धीरे-धीरे नीचे जाने से घाटों पर सामान्य गतिविधियां शुरू होने लगी थीं। नाव संचालन और अन्य कामकाज भी पहले की स्थिति में लौटने लगे थे। लेकिन अब जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी शुरू होने के बाद घाट किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों की चिंता बढ़ गई है।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने का असर सबसे पहले घाटों पर दिखाई देता है। पानी बढ़ने के कारण कई घाटों की सीढ़ियां दोबारा जलमग्न होने लगी हैं। गंगा आरती और धार्मिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और लोगों को सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

आपदा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का मुख्य कारण इस सप्ताह पूर्वांचल और गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश है। बारिश का पानी विभिन्न सहायक नदियों के माध्यम से गंगा में पहुंच रहा है, जिसके चलते नदी के प्रवाह में वृद्धि हो रही है।

गंगा के किनारे बसे गांवों में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। राजस्व और आपदा विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी बड़े खतरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए निगरानी जारी रखी जाएगी।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों को भी सक्रिय रखा है। नावों, गोताखोरों और राहत टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर हर साल मानसून के दौरान बदलता रहता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और मैदानी इलाकों में वर्षा के कारण नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव होता है। इस बार भी लगातार बारिश के बाद गंगा कई बार बढ़ी और घटी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में थोड़ी सी वृद्धि भी घाटों और आसपास के इलाकों को प्रभावित करती है। नाविकों का कहना है कि पानी बढ़ने से नाव संचालन में सावधानी बरतनी पड़ती है। वहीं घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी प्राथमिकता बन जाती है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के आधार पर नदी के जलस्तर में और बदलाव हो सकता है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

Next Story