उत्तर प्रदेश

वाराणसी में गंगा का जलस्तर ऊंचा, सभी 84 घाटों का DCP क्राइम टी. सर्वन ने किया निरीक्षण

SHIDDHANT
2 Nov 2025 10:05 PM IST
वाराणसी में गंगा का जलस्तर ऊंचा, सभी 84 घाटों का DCP क्राइम टी. सर्वन ने किया निरीक्षण
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। देव दीपावली महोत्सव की तैयारियों को लेकर वाराणसी प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा और प्रबंधन के इंतजामों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को डीसीपी (क्राइम) टी. सर्वन ने गंगा नदी के सभी 84 घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस बार देव दीपावली 5 नवंबर को मनाई जाएगी, लेकिन हालिया भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर अब भी ऊंचा बना हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 मीटर अधिक है। निरीक्षण के दौरान टी. सर्वन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, नाव संचालन, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन उपायों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां जलस्तर सामान्य से अधिक है और दुर्घटना की आशंका हो सकती है।
डीसीपी सर्वन ने कहा, “देव दीपावली के अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और दीपदान के लिए घाटों पर आते हैं। इस बार नदी का जलस्तर अभी तक कम नहीं हुआ है। इसलिए सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी घाटों पर सुरक्षा घेराबंदी और ‘प्रेशर पॉइंट्स’ की पहचान की जा रही है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि इस बार घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोर टीमों को पहले से ही तैनात करने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों को चिन्हित कर बैरिकेडिंग की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि जिन घाटों पर जलस्तर अधिक है, वहां दीपदान के वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से कार्यक्रम में शामिल हो सकें। डीसीपी ने बताया कि रविवार तक सभी घाटों की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर सुरक्षा और यातायात की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि देव दीपावली का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्य हो। गौरतलब है कि वाराणसी की देव दीपावली न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर साल लाखों श्रद्धालु और देश-विदेश से आए पर्यटक इस पावन अवसर पर घाटों की दिव्यता का अनुभव करने आते हैं।
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