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- काशी में गंगा उफान पर...

वाराणसी: धार्मिक नगरी काशी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। चेतावनी बिंदु पार करने के बाद अब गंगा का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से प्रशासन और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा में बाढ़ का असर अब आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। गंगा में पानी बढ़ने से वरुणा नदी में पलट प्रवाह शुरू हो गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। कई लोगों ने बाढ़ राहत शिविरों का रुख करना शुरू कर दिया है।
चेतावनी बिंदु पार कर चुका है जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राजघाट स्थित माप केंद्र पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है।
मंगलवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया। जबकि यहां चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरा बिंदु 71.262 मीटर निर्धारित है।
गंगा में पानी बढ़ने की रफ्तार फिलहाल 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे बनी हुई है। अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो आने वाले समय में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंगा
वाराणसी में गंगा का खतरा बिंदु 71.262 मीटर है। वर्तमान जलस्तर इस निशान से करीब एक मीटर नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है।
इतिहास में वाराणसी में गंगा का सर्वाधिक जलस्तर 73.901 मीटर तक पहुंच चुका है। ऐसे में प्रशासन लगातार नदी के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए है।
वरुणा नदी में शुरू हुआ पलट प्रवाह
गंगा में बढ़ते जलस्तर का असर वरुणा नदी पर भी दिखाई देने लगा है। गंगा का पानी वरुणा में वापस जाने के कारण नदी का प्रवाह प्रभावित हुआ है।
इसके चलते वरुणा किनारे बसे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
राहत शिविरों में पहुंच रहे लोग
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रभावित इलाकों के लोग धीरे-धीरे राहत शिविरों की ओर पहुंचने लगे हैं।
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में रहने, भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
तटवर्ती इलाकों में बढ़ी परेशानी
गंगा किनारे बसे इलाकों में जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाटों के आसपास पानी ऊपर आने लगा है और कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के बढ़ते पानी के बीच जाने से बचें।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गए हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें।
नाव संचालन, राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने का असर
गंगा के बढ़ते जलस्तर का मुख्य कारण लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से नदी में आ रही पानी की आवक को माना जा रहा है।
पहाड़ी इलाकों और गंगा के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण नदी में पानी बढ़ रहा है। इसका असर मैदानी क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लें।
फिलहाल काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चेतावनी बिंदु पार करने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नदी का जलस्तर किस स्तर तक पहुंचता है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारी कर रहा है।





