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मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने हाईटेक ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने शहर के एक कारोबारी को व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपने जाल में फंसाकर 13 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान से गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई 13 लाख रुपये की नकदी और 15 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी को कमीशन पर सुरक्षित तरीके से नकदी पहुंचाने का झांसा दिया था। ठगों ने पहले कारोबारी का भरोसा जीतने के लिए छोटे स्तर पर कुछ लेन-देन सफलतापूर्वक कराए। इसके बाद बड़ी रकम के लेन-देन की योजना बनाई गई और कारोबारी को लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना लिया गया।
मामला शहर के नॉर्थ सिविल लाइन निवासी कारोबारी संदीप कुच्छल से जुड़ा है। कारोबारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें दिल्ली निवासी विपुल को 15 लाख रुपये लौटाने थे। यह रकम उन्होंने पहले उधार ली थी। इसी दौरान उनके मोबाइल पर आरके शर्मा नाम के व्यक्ति की व्हाट्सएप कॉल आई।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ऐसा व्यक्ति बताया जो कमीशन लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित तरीके से नकदी पहुंचाने का काम करता है। आरोपी ने कारोबारी को विश्वास दिलाया कि वह पैसे सुरक्षित तरीके से दिल्ली पहुंचा देगा। शुरुआती दौर में आरोपी ने दो-तीन छोटे लेन-देन भी कराए, जिससे कारोबारी को उस पर भरोसा हो गया।
इसके बाद ठगों ने कारोबारी से 15 लाख रुपये दिल्ली पहुंचाने की बात तय की। योजना के तहत दिल्ली में सीलबंद गड्डियां भेजी गईं। लेकिन जब इन गड्डियों को खोला गया तो उसमें असली नोटों की जगह केवल कागज मिले। इस पूरे खेल के दौरान ठग मुजफ्फरनगर से कारोबारी के 13 लाख रुपये लेकर फरार हो गए।
ठगी का पता चलने के बाद कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। सहायक पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को आरोपियों की तलाश में लगाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से राजस्थान में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख रुपये नकद बरामद किए, जो कारोबारी से ठगी करके लिए गए थे। इसके अलावा 15 लाख रुपये के फर्जी नोट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दे सकता है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के भरोसे बड़ी रकम का लेन-देन न करें और ऑनलाइन या व्हाट्सएप के माध्यम से मिलने वाले ऐसे प्रस्तावों से सावधान रहें। थोड़ी सी लापरवाही लोगों को लाखों रुपये के नुकसान में डाल सकती है।





