उत्तर प्रदेश

FSDA ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा

Kavita2
9 Sept 2026 5:45 PM IST
FSDA ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा
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लखनऊ। मिलावटी और अधोमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त कार्रवाई की है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच में नमूने अधोमानक पाए जाने के बाद न्याय निर्णायक अधिकारी ने 10 मामलों का निस्तारण करते हुए संबंधित खाद्य कारोबारियों पर कुल 5.90 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।

इस कार्रवाई में शहद, रिफाइंड पामोलीन तेल, सोयाबीन तेल, दूध, खोआ, किशमिश और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों से जुड़े मामले शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग लगातार अभियान चला रहा है।

एफएसडीए के सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय विजय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से समय-समय पर खाद्य प्रतिष्ठानों पर जांच अभियान चलाया जाता है। इस दौरान अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है।

जांच रिपोर्ट में जब कुछ नमूने अधोमानक पाए गए तो संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। विभाग ने इन मामलों में अपर जिलाधिकारी (नगर पूर्वी)/न्याय निर्णायक अधिकारी की अदालत में वाद दायर किए थे।

अदालत में सुनवाई के बाद 10 मामलों का निस्तारण किया गया और दोषी पाए गए खाद्य कारोबारियों पर कुल 5.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए चेतावनी है।

एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि जिन खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में अधोमानक मिले, उनमें रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई महत्वपूर्ण वस्तुएं शामिल थीं। इनमें शहद, खाद्य तेल, दूध उत्पाद और अन्य सामग्री शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक जुर्माना एक-एक लाख रुपये लगाया गया। यह जुर्माना राजाजीपुरम स्थित रामा मेडिकोस और सीतापुर रोड स्थित गोकुल एग्रो रिसोर्सेज लिमिटेड पर लगाया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों में मिलावट या गुणवत्ता में कमी सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए विभाग लगातार बाजारों, दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी कर रहा है।

एफएसडीए की ओर से व्यापारियों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस और नियमों के अनुसार ही कारोबार करना चाहिए।

विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें। पैकेट बंद सामान की एक्सपायरी डेट, गुणवत्ता प्रमाण और पैकेजिंग की जांच जरूर करें।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। विभाग की टीमें लगातार बाजारों में जाकर खाद्य पदार्थों की जांच करेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे समय में विभाग विशेष निगरानी अभियान भी चलाता है, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

FSDA की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कारोबारियों और उपभोक्ताओं की भी भूमिका महत्वपूर्ण है। सही जानकारी और जागरूकता के माध्यम से खाद्य मिलावट को काफी हद तक रोका जा सकता है।

फिलहाल 10 मामलों में लगाए गए 5.90 लाख रुपये के जुर्माने को खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी अधोमानक और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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