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आजमगढ़। गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का सीओ अधिकारी बताकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल के जरिए लोगों पर प्रभाव जमाता था और खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगी करता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान संजय के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने शराब का ठेका दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की मांग की और उससे 90 हजार रुपये नकद ले लिए थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सिधारी थाना क्षेत्र के सादीसराय निवासी रविप्रकाश ने 17 सितंबर को गंभीरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संजय नामक व्यक्ति ने खुद को पुलिस का सीओ अधिकारी बताते हुए शराब का ठेका दिलाने का झांसा दिया।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शराब का ठेका दिलाने के लिए कुल 3.20 लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद 30 अगस्त को आरोपी ने रविप्रकाश से 90 हजार रुपये नकद ले लिए। बाकी रकम दो सितंबर तक देने की बात कही गई थी।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं। इसके बाद गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी केवल कक्षा पांच तक पढ़ा है, लेकिन उसने ठगी के लिए पुलिस अधिकारी बनने का तरीका अपनाया। वह डिप्टी एसपी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था और सामने वाले व्यक्ति को विश्वास दिलाने की कोशिश करता था कि वह वास्तव में पुलिस अधिकारी है।
आरोपी कथित तौर पर अपनी वर्दी और बातचीत के तरीके का इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव डालता था। इसके बाद सरकारी काम या लाइसेंसी प्रक्रिया से जुड़े काम कराने का झांसा देकर पैसे मांगता था।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस उसके संपर्कों, बैंक लेनदेन और अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
साइबर ठगी के मामलों में आरोपी अक्सर लोगों को भरोसे में लेने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कभी सरकारी अधिकारी बनकर तो कभी किसी विभाग से जुड़े होने का दावा कर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगने पर तुरंत सतर्क रहें। किसी भी सरकारी काम या लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया के लिए आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी रोकने के लिए साइबर सेल लगातार निगरानी कर रही है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने पुलिस अधिकारी की वर्दी कहां से हासिल की और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस तरह की ठगी में शामिल है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद शराब ठेका दिलाने के नाम पर की जा रही इस साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।





