उत्तर प्रदेश

अंडरग्राउंड टैंक की सफाई के दौरान चार छात्रों की मौत

Kavita2
7 Oct 2026 9:22 AM IST
अंडरग्राउंड टैंक की सफाई के दौरान चार छात्रों की मौत
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वृंदावन। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना वृंदा वाटिका कॉलोनी स्थित पाणीनिम संस्कृत गुरुकुलम की है, जहां पानी के अंडरग्राउंड टैंक की सफाई के दौरान छात्र हादसे का शिकार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकुल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव की कार्रवाई शुरू की गई।

जानकारी के अनुसार, गुरुकुल परिसर में बने पानी के भूमिगत टैंक की सफाई का काम किया जा रहा था। इसी दौरान एक के बाद एक छात्र टैंक के अंदर उतरे और अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने छात्रों को बाहर निकालने का प्रयास किया। गंभीर हालत में सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चार छात्रों को बचाया नहीं जा सका। एक अन्य छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।

हादसे के बाद पूरे गुरुकुल परिसर में मातम का माहौल है। मृतक छात्रों की उम्र 18 से 24 साल के बीच बताई गई है। सभी छात्र संस्कृत भाषा और धार्मिक कर्मकांड की पढ़ाई कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना से उनके साथी छात्र भी सदमे में हैं। गुरुकुल में अलग-अलग राज्यों और प्रांतों से आए करीब 120 छात्र पढ़ाई करते हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी सीपी सिंह और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और गुरुकुल प्रबंधन से घटना के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि छात्रों को टैंक की सफाई के लिए किन परिस्थितियों में उतारा गया और इस दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि भूमिगत टैंक की सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या टैंक के अंदर किसी जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी जैसी स्थिति पैदा हुई थी। हालांकि हादसे के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

प्रत्यक्ष रूप से घटना इतनी गंभीर थी कि कुछ ही समय में गुरुकुल में रहने वाले अन्य छात्रों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। छात्रों को बाहर निकालने के बाद प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। राहत कार्य के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग भी जमा हो गए। अधिकारियों ने परिसर में व्यवस्था संभाली और घटनास्थल को जांच के लिए सुरक्षित किया।

पाणीनिम संस्कृत गुरुकुलम में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र संस्कृत भाषा, वेद, शास्त्र और कर्मकांड से जुड़ी शिक्षा हासिल करने आते हैं। करीब 120 छात्र यहां रहकर अध्ययन करते हैं। धार्मिक शिक्षा के लिए प्रसिद्ध इस संस्थान में चार युवा छात्रों की मौत से शोक की लहर फैल गई है। अन्य छात्रों के परिजनों में भी घटना के बाद चिंता बढ़ गई है।

मृतक छात्रों के परिवारों को भी हादसे की सूचना दी गई है। अपने बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन वृंदावन के लिए रवाना हो गए हैं। गुरुकुल से जुड़े लोगों के लिए भी यह घटना बेहद स्तब्ध करने वाली है, क्योंकि कुछ समय पहले तक छात्र सामान्य रूप से अपनी पढ़ाई और गतिविधियों में शामिल थे।

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेंगे। गुरुकुल प्रबंधन, वहां मौजूद कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा टैंक की स्थिति और सफाई के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की भी जांच होने की संभावना है।

भूमिगत पानी के टैंक की सफाई के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर गंभीर हादसे का खतरा रहता है। ऐसे बंद स्थानों में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस जमा होने जैसी परिस्थितियां खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसी वजह से ऐसे स्थानों की सफाई के दौरान विशेष सुरक्षा उपकरण और विशेषज्ञों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जाता है।

वृंदावन की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घटना के वास्तविक कारण का पता लगाना और घायल छात्र को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

चार छात्रों की मौत से गुरुकुल का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। उनके साथी छात्र इस हादसे से उबर नहीं पा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन कारणों से हुआ और क्या इसे जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाकर रोका जा सकता था।

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