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नकली नोटों के खेल में चार और गिरफ्तार, मुठभेड़ में एक को लगी गोली

मेरठ। असली नोटों की आड़ में नकली नोटों का खेल चलाने के आरोप में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल नोटों से जुड़े अवैध कारोबार में ही शामिल नहीं थे, बल्कि हथियारों और कारतूसों की सप्लाई भी कर रहे थे। इस पूरे मामले में दो सिपाहियों की संलिप्तता की बात भी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के बीच संपर्क और हथियारों की सप्लाई से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को हिस्ट्रीशीटर साजिद के साथी फैजान के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। मोबाइल में हथियारों और कारतूसों की तस्वीरें मिलीं, जिन्हें गिरफ्तार आरोपियों के पास भेजा गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन तस्वीरों को दिखाकर हथियार और कारतूस की सप्लाई करते थे। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों के कब्जे से बरामद कारतूसों की खेप सहारनपुर से खरीदी गई थी।
चार और आरोपियों की गिरफ्तारी से सामने आए नए तथ्य
पुलिस ने नकली नोटों से जुड़े मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में हथियारों और कारतूसों की सप्लाई से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी दो सिपाहियों के साथ मिलकर नोटों के अलावा अवैध हथियारों और कारतूसों की सप्लाई में भी शामिल थे।
इस मामले में पहले से जेल भेजे जा चुके हिस्ट्रीशीटर साजिद का नाम भी सामने आया है। उसके साथी फैजान के मोबाइल से मिली तस्वीरों ने जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस को मोबाइल में कारतूस और हथियारों की तस्वीरें मिली थीं। इन तस्वीरों को गिरफ्तार आरोपियों तक भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में घायल आरोपी का नाम, मुठभेड़ का सटीक स्थान और घटना का समय स्पष्ट नहीं किया गया है। मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई और किस तरह गोलीबारी की स्थिति बनी, इसका विस्तृत विवरण भी सामने नहीं आया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब नोटों के कथित अवैध कारोबार के साथ हथियारों और कारतूसों की सप्लाई के संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
फैजान के मोबाइल से मिली हथियारों की तस्वीरें
इस मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी हिस्ट्रीशीटर साजिद के साथी फैजान के मोबाइल फोन से मिली। मोबाइल की जांच के दौरान हथियारों और कारतूसों की तस्वीरें बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, ये तस्वीरें उन आरोपियों को भेजी गई थीं, जिन्हें अब गिरफ्तार किया गया है।
जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी हथियारों और कारतूसों की तस्वीरें दिखाकर उनकी सप्लाई करते थे। इस जानकारी से पुलिस को आरोपियों के बीच संपर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़ी गतिविधियों के बारे में पता चला।
मोबाइल से मिली तस्वीरों का इस्तेमाल किस तरह किया गया और इनके माध्यम से कितने लोगों तक हथियार या कारतूस पहुंचाए गए, इस बारे में फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सहारनपुर से खरीदी गई थी कारतूसों की खेप
जांच में सामने आया एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य कारतूसों की खरीद से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद कारतूसों की खेप सहारनपुर से खरीदी गई थी।
इस जानकारी के बाद मामले में कारतूसों की खरीद और सप्लाई का संबंध सहारनपुर से जुड़ गया है। हालांकि, कारतूस किस व्यक्ति से खरीदे गए थे, उनकी कुल संख्या कितनी थी और खरीद के लिए कितनी रकम दी गई थी, इसके बारे में उपलब्ध विवरण में जानकारी नहीं दी गई है।
कारतूसों की खेप सहारनपुर से खरीदे जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस के लिए उनकी आपूर्ति से जुड़े अन्य संपर्कों की पहचान करना भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू है।
दो सिपाहियों के साथ मिलकर चल रहा था कारोबार
इस मामले का एक गंभीर पहलू दो सिपाहियों की कथित संलिप्तता है। पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दोनों सिपाहियों के साथ मिलकर नोटों के अलावा हथियार और कारतूस की सप्लाई कर रहे थे।
इस जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका सामने आने के कारण जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है।
हालांकि, दोनों सिपाहियों के नाम, उनकी तैनाती और उनके खिलाफ अब तक की गई विभागीय कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनकी भूमिका को लेकर पुलिस जांच में सामने आए आरोपों से आगे कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
हिस्ट्रीशीटर साजिद से जुड़े संपर्कों की पड़ताल
मामले में पहले जेल भेजे जा चुके हिस्ट्रीशीटर साजिद और उसके साथी फैजान से जुड़ी जानकारी भी महत्वपूर्ण है। फैजान के मोबाइल से हथियारों और कारतूसों की तस्वीरें मिलने के बाद पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनके संपर्क का पता चला।
इन तस्वीरों के आधार पर हथियारों और कारतूसों की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस जांच में नोटों से संबंधित कथित अवैध गतिविधियों के अलावा हथियारों की आपूर्ति से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा
चार और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। एक ओर पुलिस मुठभेड़ में आरोपी के घायल होने की घटना हुई, वहीं दूसरी ओर मोबाइल से मिली तस्वीरों के आधार पर हथियारों और कारतूसों की सप्लाई से जुड़ी जानकारी सामने आई है।
सहारनपुर से कारतूस खरीदे जाने और दो सिपाहियों की कथित संलिप्तता ने मामले को गंभीर बना दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार आरोपी नोटों के अवैध कारोबार के साथ हथियारों और कारतूसों की सप्लाई में भी शामिल थे।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस पूरे मामले में अन्य कितने लोग जुड़े थे और हथियारों तथा कारतूसों की सप्लाई किस स्तर तक की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।





