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उत्तर प्रदेश
पूर्व CBI डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव की सियासत में एंट्री
Ratna Netam
3 Oct 2026 5:11 PM IST

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वाराणसी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पूर्व अंतरिम निदेशक एम. नागेश्वर राव ने काशी से अपने सार्वजनिक जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए सक्रिय राजनीति में नई भूमिका का ऐलान किया है। उन्होंने 'सर्वजन सनातन पार्टी' (SSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालने की घोषणा की। काशी की धरती से अपनी राजनीतिक भूमिका की शुरुआत करते हुए राव ने प्रशासन में अपने लंबे अनुभव और भारत की सभ्यतागत जड़ों को लेकर अपना दृष्टिकोण सामने रखा।सर्वजन सनातन पार्टी निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सूची में दर्ज रही है और उसका पंजीकृत पता वाराणसी के अस्सी क्षेत्र में है।एम. नागेश्वर राव ने इस अवसर पर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के क्षेत्र में अपने करीब चार दशकों के अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक प्रशासनिक व्यवस्था के भीतर काम करने के दौरान उन्हें शासन और सामाजिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला।
राव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके विचार में भारत के पुनर्निर्माण को केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने आधुनिक विकास और देश की सभ्यतागत विरासत के बीच तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। यह पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सामने रखा गया उनका राजनीतिक दृष्टिकोण है।उन्होंने कहा कि भारत को आधुनिकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया में अपनी सभ्यतागत जड़ों से संबंध बनाए रखना भी जरूरी है। राव ने भारतीय परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शासन व्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करने की बात कही।काशी से नई राजनीतिक भूमिका की घोषणा भी प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण रही। वाराणसी भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल है और सर्वजन सनातन पार्टी का पंजीकृत पता भी इसी शहर में दर्ज है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद राव के सामने अब पार्टी के संगठन को विस्तार देने की चुनौती होगी। किसी भी राजनीतिक दल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संगठन तैयार करना, विभिन्न राज्यों में कार्यकर्ताओं को जोड़ना और जनता के सामने नीतिगत एजेंडा प्रस्तुत करना अहम होता है। पार्टी आने वाले समय में किन मुद्दों को प्राथमिकता देती है, यह उसके आगामी कार्यक्रमों और घोषणाओं से स्पष्ट होगा।एम. नागेश्वर राव का प्रशासनिक सेवा से राजनीति की ओर आना इसलिए भी चर्चा का विषय है क्योंकि उन्होंने अपने करियर में सुरक्षा और जांच से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। सार्वजनिक जीवन में उनकी नई भूमिका प्रशासनिक सेवा से अलग होगी, जहां उन्हें पार्टी संगठन और राजनीतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपना एजेंडा सामने रखना होगा।
राव ने अपनी नई भूमिका की घोषणा करते हुए भारत के विकास को केवल आर्थिक या प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय सांस्कृतिक और सभ्यतागत पहलुओं से जोड़ने पर जोर दिया। उनके मुताबिक आधुनिक विकास की प्रक्रिया में भारत की ऐतिहासिक पहचान और परंपराओं को भी स्थान मिलना चाहिए।सर्वजन सनातन पार्टी का नाम चुनावी रिकॉर्ड में पहले से मौजूद है। 2024 और 2025 से संबंधित प्रकाशित चुनावी सूचियों में भी 'Sarvjan Sanatan Party' को वाराणसी के पते के साथ दर्ज किया गया है। ऐसे में राव की घोषणा किसी नए दल के गठन के बजाय मौजूदा राजनीतिक दल में नेतृत्व की नई जिम्मेदारी संभालने से जुड़ी है।
अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर उनकी आगे की रणनीति पर नजर रहेगी। संगठन किन राज्यों में अपनी सक्रियता बढ़ाएगा, सदस्यता अभियान किस तरह चलाया जाएगा और चुनावी राजनीति को लेकर उसकी क्या योजना होगी, इन विषयों पर विस्तृत तस्वीर पार्टी की आगामी घोषणाओं से सामने आएगी।भारतीय राजनीति में पूर्व नौकरशाहों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का राजनीति में प्रवेश कोई नई बात नहीं है। प्रशासनिक सेवा में लंबा समय बिताने के बाद कई अधिकारी राजनीतिक दलों से जुड़कर सार्वजनिक जीवन में नई भूमिका निभाते रहे हैं। हालांकि प्रत्येक व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा, प्राथमिकताएं और चुनावी भूमिका अलग-अलग होती है।
राव ने अपने प्रशासनिक अनुभव को अपनी नई राजनीतिक भूमिका से जोड़ते हुए संकेत दिया कि शासन व्यवस्था में बिताए वर्षों के अनुभव को वह सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए भारत के भविष्य को लेकर व्यापक बदलाव की जरूरत की बात कही।उनके संबोधन का मुख्य जोर भारत की सभ्यतागत पहचान और आधुनिक विकास के बीच संबंध पर रहा। उन्होंने कहा कि देश को भविष्य की ओर आगे बढ़ते हुए अपनी सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए। यह उनका घोषित राजनीतिक दृष्टिकोण है, जिस पर पार्टी की भावी नीतियां और कार्यक्रम किस रूप में तैयार होते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा।
काशी से हुई इस घोषणा के साथ एम. नागेश्वर राव ने प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपने लंबे करियर के बाद सक्रिय राजनीतिक भूमिका की दिशा में कदम बढ़ाया है। सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अब उनका ध्यान संगठन को आगे बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जनता के सामने रखने पर रहेगा।फिलहाल पार्टी के भविष्य के चुनावी कार्यक्रम, उम्मीदवारों या संभावित गठबंधनों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्टी की औपचारिक घोषणाएं यह तय करेंगी कि राव के नेतृत्व में सर्वजन सनातन पार्टी किस राजनीतिक एजेंडे और संगठनात्मक रणनीति के साथ आगे बढ़ती है।
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