उत्तर प्रदेश

पूर्व एयर मार्शल बने राम मंदिर के CEO योगी सरकार ने कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात

Ratna Netam
2 Sept 2026 7:55 PM IST
पूर्व एयर मार्शल बने राम मंदिर के CEO योगी सरकार ने कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात
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नई दिल्ली। बुधवार, 2 सितंबर 2026 का दिन देश की कई बड़ी राजनीतिक, धार्मिक, खेल और मनोरंजन खबरों के नाम रहा। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल **जीतेंद्र मिश्रा** को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत करते हुए दुर्घटना बीमा, समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। तमिलनाडु में 2029 के प्रधानमंत्री चेहरे को लेकर टीवीके विधायक के बयान ने सियासी बहस छेड़ दी। क्रिकेट में श्रीलंका ने इंग्लैंड दौरे के लिए टीम घोषित की, जबकि स्वरा भास्कर के एक बयान को लेकर कंगना रनौत की प्रतिक्रिया चर्चा में रही।
1. पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल **जीतेंद्र मिश्रा** को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया। ट्रस्ट ने करीब दो महीने तक चली चयन प्रक्रिया के बाद उनके नाम पर मुहर लगाई।
इस पद के लिए कुल **5,585 आवेदन** मिले थे। जांच के बाद 1,580 उम्मीदवार योग्य पाए गए, 108 लोगों को ऑनलाइन इंटरैक्शन के लिए चुना गया और आखिर में 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया गया। चयन समिति ने तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा, जिसमें से जीतेंद्र मिश्रा को चुना गया।
मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवाएं दे चुके हैं। वह पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी एयर ऑपरेशंस की कमान संभाली। उन्होंने 30 अप्रैल 2026 को वायुसेना से सेवानिवृत्ति ली थी।
उनका संबंध उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव से है। वह फाइटर पायलट रहे और अपने सैन्य करियर में 3,000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव हासिल किया। उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया है।
ट्रस्ट ने इसी बैठक में तीन नए सदस्यों को भी नियुक्त किया। इनमें अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की पूर्व प्राचार्य डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। डॉ. निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं।
मिश्रा के सामने राम मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, कर्मचारियों का प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी अहम जिम्मेदारियां होंगी।
2. आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार की बड़ी सौगात
उत्तर प्रदेश में बुधवार का दूसरा बड़ा फैसला राज्य के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में **उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS)** का शुभारंभ किया। इसके साथ निगम का पोर्टल, वेबसाइट और लोगो भी लॉन्च किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था प्रदेश के **3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों** को एक डिजिटल और संस्थागत व्यवस्था से जोड़ेगी। कर्मचारियों के परिवारों को शामिल करने पर लगभग 17 से 20 लाख लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।
UPCOS और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए समझौते के तहत निर्धारित श्रेणी के अनुसार कर्मचारी के परिवार को दुर्घटना या आपदा की स्थिति में **20 से 40 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर** देने की बात कही गई है।
इसके अलावा अग्निकांड की स्थिति में 10 लाख रुपये, आकस्मिक चिकित्सा जरूरत के लिए पांच लाख रुपये और आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। बेटे की शिक्षा के लिए आठ लाख और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक सहायता की बात भी कही गई।
सरकार का दावा है कि अब कर्मचारियों का पारिश्रमिक सीधे उनके बैंक खाते में जाएगा। प्रत्येक महीने की **1 से 5 तारीख के बीच वेतन भुगतान** सुनिश्चित करने के साथ EPF और ESI का अंशदान नियमित जमा कराने की व्यवस्था होगी। महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश सहित वैधानिक सेवा लाभ देने की बात भी कही गई है।
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से सीधे नौकरी से भी नहीं निकाल सकेगी। उसे पहले सरकार को जानकारी देनी होगी और मामले की जांच के बाद फैसला होगा।
3. 'राहुल गांधी खुद विजय को PM बनाएंगे' बयान पर सियासी हलचल
तमिलनाडु की राजनीति से बुधवार को एक ऐसा बयान सामने आया जिसने 2029 के लोकसभा चुनाव की चर्चा अभी से तेज कर दी।
तमिलगा वेट्री कजगम से जुड़ी विधायक **कनिमोझी संतोष** ने दावा किया कि 2029 में अभिनेता से राजनेता बने विजय प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने यहां तक दावा किया कि राहुल गांधी खुद विजय का हाथ पकड़कर उन्हें प्रधानमंत्री बनाएंगे।
यह कनिमोझी संतोष का राजनीतिक दावा है, राहुल गांधी या कांग्रेस की तरफ से विजय को 2029 का प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तमिलनाडु की राजनीति में विजय की भूमिका लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर कांग्रेस के नेताओं की तरफ से राहुल गांधी को 2029 में विपक्षी गठबंधन के संभावित प्रधानमंत्री चेहरे के तौर पर पेश किया जा रहा है।
ऐसे में कनिमोझी संतोष के बयान ने विपक्षी राजनीति के भविष्य और राष्ट्रीय स्तर पर विजय की संभावित भूमिका को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
4. इंग्लैंड दौरे के लिए श्रीलंका टीम का ऐलान
खेल जगत में श्रीलंका ने सितंबर में होने वाले इंग्लैंड दौरे के लिए अपनी वनडे और टी20 टीम की घोषणा कर दी है।
**कुसल मेंडिस** दोनों सीमित ओवरों की टीमों के कप्तान बने रहेंगे। वहीं चरिथ असलंका की लीडरशिप ग्रुप में वापसी हुई है और उन्हें वनडे तथा टी20 दोनों टीमों का उपकप्तान बनाया गया है।
टीम चयन में एक और महत्वपूर्ण नाम **दासुन शनाका** का है। उनकी जनवरी 2024 के बाद पहली बार श्रीलंका की वनडे टीम में वापसी हुई है।
लेग स्पिनर सचिंदु कोलंबगे को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। कामिंदु मेंडिस को दोनों सीमित ओवरों की टीमों में बरकरार रखा गया है।
असलंका की वापसी टी20 टीम में किए गए चार बदलावों में शामिल है। इंग्लैंड की परिस्थितियों को देखते हुए श्रीलंका ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कुछ नए चेहरों को मौका देकर संतुलित टीम तैयार करने की कोशिश की है।
5. स्वरा भास्कर के बयान पर कंगना रनौत का निशाना
मनोरंजन और राजनीति से जुड़ी पांचवीं बड़ी खबर अभिनेत्री **स्वरा भास्कर** और भाजपा सांसद **कंगना रनौत** से संबंधित रही।
स्वरा भास्कर की फिल्म 'पद्मावत' और जौहर से जुड़ी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया। इसी बीच कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रैप वीडियो साझा किया, जिसमें स्वरा के बयान की आलोचना की गई थी।
कंगना ने वीडियो साझा करते हुए सीधे तौर पर स्वरा का नाम नहीं लिखा, लेकिन रिपोर्ट में इसे स्वरा की टिप्पणी से जोड़कर देखा गया।
दरअसल स्वरा अपने राजनीतिक और सामाजिक बयानों को लेकर पहले भी चर्चा में रही हैं। 'पद्मावत' रिलीज के समय भी उन्होंने फिल्म के एक दृश्य को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अब जौहर से संबंधित उनकी नई टिप्पणी ने एक बार फिर पुराने विवाद को चर्चा में ला दिया है।
कंगना भी फिल्मों के साथ राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। इसलिए उनकी सोशल मीडिया प्रतिक्रिया के बाद यह मामला मनोरंजन जगत से आगे राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया।
अयोध्या और आउटसोर्स कर्मचारियों के फैसले सबसे अहम
दिन की पांच बड़ी खबरों में अयोध्या और उत्तर प्रदेश सरकार के दो फैसले सबसे महत्वपूर्ण रहे। राम मंदिर के लिए पहली बार पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत देती है। जीतेंद्र मिश्रा को 5,585 आवेदकों के बीच से चुनना बताता है कि ट्रस्ट ने इस पद के लिए विस्तृत चयन प्रक्रिया अपनाई।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार का UPCOS मॉडल लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, नौकरी और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को सीधे प्रभावित कर सकता है। समय पर वेतन, EPF-ESI, दुर्घटना बीमा और मनमाने ढंग से सेवा समाप्त करने पर नियंत्रण जैसे प्रावधान यदि घोषित व्यवस्था के अनुरूप लागू होते हैं तो आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
इसके अलावा विजय को लेकर 2029 के प्रधानमंत्री पद का दावा राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस लेकर आया, जबकि श्रीलंका के इंग्लैंड दौरे की टीम और कंगना-स्वरा विवाद ने खेल तथा मनोरंजन की खबरों में जगह बनाई।
इस तरह **2 सितंबर 2026** को अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक बदलाव से लेकर लखनऊ में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था तक कई बड़े घटनाक्रम सामने आए, जिनका असर आने वाले दिनों में भी दिखाई दे सकता है।
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