उत्तर प्रदेश

बिरयानी की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, 11 सैंपल जांच के लिए भेजे

Kavita2
25 Oct 2026 2:45 PM IST
बिरयानी की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, 11 सैंपल जांच के लिए भेजे
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अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के मंडी धनौरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान चौपला क्षेत्र में स्थित बिरयानी की दुकानों और ठेलों के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय भानपुर खालसा में खाद्य पदार्थों की जांच की गई। टीम ने विभिन्न स्थानों से कुल 11 नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

खाद्य विभाग के अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम ने यह अभियान चलाया। अधिकारियों ने बिरयानी, हलीम, चिकन बिरयानी और टमाटर की चटनी सहित विद्यालयों में तैयार भोजन के नमूने लिए। इन नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

चौपला में बिरयानी की दुकानों पर जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शनिवार को मंडी धनौरा के चौपला क्षेत्र पहुंची। यहां खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों और ठेलों की जांच की गई।

अभियान के दौरान टीम ने बिरयानी और हलीम बेचने वाले प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए।

अधिकारियों का उद्देश्य बिक्री के लिए उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराना था।

टीम की कार्रवाई के दौरान स्थानीय खाद्य कारोबारियों में हलचल देखी गई। नमूने लेने के बाद उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।

मुरादाबादी हलीम बिरयानी की दुकान से लिए नमूने

खाद्य विभाग की टीम ने चौपला स्थित मुरादाबादी हलीम बिरयानी की दुकान से बिरयानी और हलीम के नमूने लिए।

दोनों खाद्य पदार्थों को जांच के लिए एकत्र किया गया, ताकि उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया जा सके।

बिरयानी और हलीम जैसे तैयार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी होता है, क्योंकि इन्हें सीधे ग्राहकों को परोसा जाता है।

हालांकि इस दुकान के खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की मिलावट या खराब गुणवत्ता की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस संबंध में प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।

शमा चिकन बिरयानी से भी लिए गए सैंपल

अभियान के दौरान टीम शमा चिकन बिरयानी की दुकान पर भी पहुंची।

यहां से चिकन बिरयानी और टमाटर की चटनी के नमूने एकत्र किए गए।

चिकन बिरयानी जैसे खाद्य पदार्थों को तैयार करने और सुरक्षित रखने में स्वच्छता तथा उचित तापमान का विशेष महत्व होता है।

वहीं चटनी जैसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता भी उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ी होती है।

टीम ने दोनों नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

आसिफ अहमद की दुकान से भी हलीम और बिरयानी की जांच

खाद्य विभाग की टीम ने आसिफ अहमद की मुरादाबादी हलीम बिरयानी की दुकान से भी नमूने लिए।

इस प्रतिष्ठान से हलीम और बिरयानी के सैंपल एकत्र किए गए।

इस प्रकार चौपला क्षेत्र की तीन दुकानों से बिरयानी, हलीम, चिकन बिरयानी और टमाटर की चटनी सहित कुल छह नमूने लिए गए।

अधिकारियों ने इन नमूनों को भी जांच के लिए भेजा है।

खाद्य विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य ग्राहकों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण करना है।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भोजन की जांच

खाद्य विभाग की टीम ने दुकानों के अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी खाद्य पदार्थों की जांच की।

यहां छात्राओं के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन से मिक्स दाल, आलू-पत्ता गोभी की सब्जी, रोटी और चावल के नमूने एकत्र किए गए।

आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष महत्व होता है।

टीम ने चारों खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

फिलहाल विद्यालय के भोजन में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

प्राथमिक विद्यालय भानपुर खालसा में भी पहुंची टीम

खाद्य विभाग के अभियान में प्राथमिक विद्यालय भानपुर खालसा को भी शामिल किया गया।

टीम ने यहां खाद्य पदार्थों की जांच से संबंधित कार्रवाई की।

हालांकि प्राथमिक विद्यालय से किस खाद्य पदार्थ का नमूना लिया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

अभियान के दौरान कुल 11 नमूने एकत्र किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इनमें बिरयानी की दुकानों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से लिए गए दस नमूनों का विवरण उपलब्ध है।

शेष एक नमूने के संबंध में आधिकारिक विवरण स्पष्ट होने का इंतजार है।

कुल 11 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए

खाद्य विभाग के अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान कुल 11 खाद्य नमूने एकत्र किए गए।

इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यदि जांच में कोई नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि अभी किसी प्रतिष्ठान या विद्यालय के खाद्य पदार्थ को असुरक्षित या मिलावटी घोषित नहीं किया गया है।

दुकानदारों में मचा हड़कंप

चौपला क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम के पहुंचने से खाद्य कारोबारियों के बीच हलचल मच गई।

बिरयानी और अन्य तैयार खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों के यहां नमूने लिए जाने से बाजार में कार्रवाई की चर्चा रही।

खाद्य विभाग की इस तरह की जांच का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखना है।

दुकानदारों के लिए भी यह आवश्यक है कि वे खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन करें।

ग्राहकों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना खाद्य कारोबारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

बच्चों के भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय में खाद्य पदार्थों की जांच से विद्यार्थियों के भोजन की गुणवत्ता का मुद्दा भी सामने आया है।

विद्यालयों में बच्चों को दिया जाने वाला भोजन पौष्टिक होने के साथ सुरक्षित भी होना चाहिए।

भोजन तैयार करने, रखने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना आवश्यक है।

विशेष रूप से आवासीय विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी महत्वपूर्ण होती है।

खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जांच से संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मंडी धनौरा में खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर है।

रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दुकानों और विद्यालयों से लिए गए नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

फिलहाल खाद्य विभाग ने कुल 11 नमूने जांच के लिए भेजे हैं।

अधिकारियों की ओर से आगे की कार्रवाई जांच परिणामों के आधार पर निर्धारित की जा सकती है।

शनिवार को चलाए गए इस अभियान ने एक बार फिर बाजार में बिकने वाले भोजन और विद्यालयों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के महत्व को सामने रखा है।

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