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मुजफ्फरनगर में खाद्य विभाग सख्त, मिलावटखोरों पर नजर

मुजफ्फरनगर : हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर मुजफ्फरनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, मिलावटखोरी रोकने और दुकानदारों द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों पर नियंत्रण के लिए विभाग ने कमर कस ली है। इसके तहत पूरे कांवड़ मार्ग को छह प्रमुख रूटों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक रूट पर खाद्य सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो लगातार निगरानी करेगी।
विभाग की टीमें कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी। टीमों द्वारा खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई की व्यवस्था और दुकानों पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि दुकानदार श्रद्धालुओं से निर्धारित कीमत से अधिक पैसे तो नहीं वसूल रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अर्चना धीरान ने मंगलवार सुबह मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल मिलावटखोरी रोकना नहीं है, बल्कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर आने वाले सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सभी होटल, ढाबों और दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है। इससे शिवभक्तों को खाद्य पदार्थों की सही कीमत की जानकारी मिल सकेगी और दुकानदार मनमाने दाम नहीं वसूल पाएंगे। यदि कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब कांवड़ यात्री किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए दुकानों और अन्य खाद्य केंद्रों पर 'फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप' का क्यूआर कोड लगाया जा रहा है।
शिवभक्त अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर संबंधित दुकान की जानकारी देख सकेंगे। यदि उन्हें भोजन की गुणवत्ता खराब लगती है, गंदगी दिखाई देती है या किसी दुकान पर अधिक कीमत वसूली जाती है तो वह सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। विभाग का मानना है कि इससे शिकायतों का तुरंत समाधान करने में मदद मिलेगी।
अर्चना धीरान ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा एक बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश के कई राज्यों से श्रद्धालु मुजफ्फरनगर होकर गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है। हर साल लाखों शिवभक्त दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर जाते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों को सक्रिय किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की यह पहल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने और यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





