उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा में सुरक्षा पर जोर, अग्निशमन टीम ने शिविरों का किया निरीक्षण

Ratna Netam
4 Aug 2026 9:57 PM IST
कांवड़ यात्रा में सुरक्षा पर जोर, अग्निशमन टीम ने शिविरों का किया निरीक्षण
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सहारनपुर : सावन माह की कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में सहारनपुर अग्निशमन विभाग ने कांवड़ यात्रा मार्ग और शिविरों में व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह के नेतृत्व में विभाग की कई टीमों ने जिले के विभिन्न कांवड़ शिविरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिविरों में लगाए गए अग्निशमन उपकरणों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी फायर एक्सटिंग्विशर, पानी की उपलब्धता और अन्य सुरक्षा संसाधन पूरी तरह कार्यशील हों तथा किसी भी आपात स्थिति में उनका तुरंत उपयोग किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने शिविर संचालकों, स्वयंसेवकों और वहां तैनात कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। उन्हें बताया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय किस प्रकार प्राथमिक स्तर पर आग पर काबू पाया जा सकता है और किन परिस्थितियों में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देनी चाहिए। साथ ही गैस सिलेंडर, बिजली के उपकरण, जनरेटर और रसोई क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप कांवड़ यात्रा मार्ग पर विशेष अग्नि सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सहारनपुर से होकर गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अग्निशमन वाहनों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें चौबीसों घंटे सतर्क हैं और यात्रा मार्ग पर लगातार गश्त भी कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लगाए गए कांवड़ शिविरों में भोजन बनाने की व्यवस्था, बिजली की वायरिंग, जनरेटर और गैस सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी वजह से प्रत्येक शिविर का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और जहां कहीं भी सुरक्षा संबंधी कमी मिल रही है, वहां तत्काल उसे दूर कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने शिविर संचालकों से अपील की कि वे सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें। खुले स्थानों पर सुरक्षित ढंग से रसोई संचालित करें, गैस सिलेंडरों को निर्धारित दूरी पर रखें, बिजली के तारों की नियमित जांच कराएं तथा आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुले रखें। इसके अलावा शिविरों में मौजूद स्वयंसेवकों को भी किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अग्निशमन विभाग की फील्ड टीमें लगातार कांवड़ शिविरों, विश्राम स्थलों, भोजनालयों और प्रमुख पड़ावों का निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही यात्रा मार्ग पर स्थापित नियंत्रण कक्षों के माध्यम से विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। विभाग का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और यात्रा समाप्त होने तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन का उद्देश्य केवल दुर्घटनाओं के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पहले से ही ऐसी सभी संभावनाओं को समाप्त करना है जिनसे किसी प्रकार की अप्रिय घटना हो सकती है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, यातायात पुलिस और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रा की निगरानी कर रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, पुलिस सहायता केंद्र और अग्निशमन वाहन तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की आग या धुएं की घटना दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पुलिस या अग्निशमन कर्मियों को सूचना दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और अग्निशमन विभाग का पूरा प्रयास है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो तथा किसी भी शिवभक्त को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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