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चित्रकूट में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंची

चित्रकूट: धर्मनगरी चित्रकूट में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें अभी कम भी नहीं हुई थीं कि एक बार फिर हालात बिगड़ने लगे हैं। दो दिन पहले आई प्रलयकारी बाढ़ से तबाही के निशान अभी मिटे भी नहीं थे कि रविवार रात हुई तेज बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और नदी एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गई।
मंदाकिनी के उफान पर आते ही यूपी और मध्य प्रदेश प्रशासन सतर्क हो गया। नदी का जलस्तर लाल निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंचते ही दोनों राज्यों के अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन की टीमें देर रात तक हालात पर नजर बनाए रहीं।
बाढ़ से उबर रहे लोगों पर फिर संकट
चित्रकूट में हाल ही में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। कई गांवों में पानी घुस गया था और लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौट रहे थे और नुकसान का आकलन कर रहे थे। लेकिन रविवार रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर उनके सामने संकट खड़ा कर दिया।
लोगों का कहना है कि पिछली बाढ़ से हुए नुकसान से वे अभी उबर भी नहीं पाए थे कि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा। घरों में जमा कीचड़, खराब सामान और टूटी व्यवस्थाओं के बीच अब फिर से बाढ़ का खतरा लोगों को परेशान कर रहा है।
मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर
तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी में अचानक पानी बढ़ गया। देखते ही देखते नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। नदी के किनारे बसे इलाकों में पानी पहुंचने लगा, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला।
प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। साथ ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को निगरानी के लिए तैनात किया गया।
यूपी-एमपी प्रशासन अलर्ट
चित्रकूट की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों क्षेत्रों में दिखाई देता है। मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दोनों राज्यों के प्रशासन ने आपसी समन्वय बढ़ा दिया है।
आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा गया है। राहत शिविरों में व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा।
निचले इलाकों से लोगों को हटाया गया
जलस्तर बढ़ने के बाद सबसे ज्यादा खतरा नदी किनारे बसे निचले इलाकों को है। प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। लोगों से अपील की गई कि वे नदी के पास जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
कई जगहों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों को समझाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजती नजर आईं। प्रशासन ने नावों और अन्य संसाधनों को भी तैयार रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
बारिश जारी रहने से बढ़ी चिंता
मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश का सीधा असर मंदाकिनी नदी पर पड़ता है। यही वजह है कि थोड़े समय में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
चित्रकूट में एक बार फिर बाढ़ का खतरा सामने आने से प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बारिश के चलते हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। बाढ़ से पहले ही प्रभावित चित्रकूट के लोगों को अब एक बार फिर प्रकृति की मार का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।





