उत्तर प्रदेश

लखनऊ में बाढ़ के हालात बिगड़े प्रशासन अलर्ट नदी किनारे इलाकों पर नजर

Ratna Netam
4 Sept 2026 2:43 PM IST
लखनऊ में बाढ़ के हालात बिगड़े प्रशासन अलर्ट नदी किनारे इलाकों पर नजर
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राजधानी लखनऊ में भी हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। शहर से होकर गुजरने वाली गोमती और सई नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। राहत और बचाव टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लगातार बारिश के कारण नदी में पानी की आवक बढ़ रही है। गोमती नदी लखनऊ की प्रमुख नदियों में शामिल है और शहर के कई हिस्से इसके किनारे बसे हुए हैं।
नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन की टीमें लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।
सई नदी भी उफान पर
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में सई नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सई नदी गोमती की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है और बारिश के दौरान इसके जलस्तर में तेजी से बदलाव देखने को मिलता है।
नदी में पानी बढ़ने से आसपास के गांवों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।
कई इलाकों में जलभराव की स्थिति
भारी बारिश के कारण लखनऊ के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। सड़कें पानी में डूबने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ है और नगर निगम की टीमें पानी निकालने के काम में जुटी हैं।
शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोग लगातार बढ़ते पानी को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद लें।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत सामग्री, मेडिकल टीम और बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लोगों से कहा गया है कि वे जलभराव वाले रास्तों से निकलने से बचें, क्योंकि तेज बहाव वाले पानी में हादसे का खतरा रहता है।
मौसम विभाग की चेतावनी से बढ़ी चिंता
प्रदेश में लगातार बारिश और आगे भी बारिश की संभावना के चलते बाढ़ का संकट अभी बना हुआ है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में तैयारियां तेज कर दी हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण नदियों में पानी बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन समय रहते सतर्कता और बेहतर प्रबंधन से नुकसान को कम किया जा सकता है।
राहत कार्यों पर नजर
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं। प्रशासन की टीमें लोगों की समस्याओं का समाधान करने में जुटी हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी गई है।
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