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UP में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 22 जिलों के 2.52 लाख लोग प्रभावित

UP उत्तर प्रदेश: लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। सोमवार से जारी भारी वर्षा ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी के अनुसार, राज्य के 22 जिलों की 43 तहसीलों के 768 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन प्रभावित इलाकों में लगभग 2.52 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। हिमालयी क्षेत्रों और तराई में भारी बारिश के कारण गंगा, घाघरा, शारदा और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदियों और नालों के उफान के चलते कई जगहों पर बांधों और बैराजों से पानी छोड़ा गया है। इस वजह से निचले इलाकों में पानी भर गया है और स्थिति और भी विकराल हो गई है। कई गांवों में घरों और खेतों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। साथ ही, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए विशेष व्यवस्था करने के भी आदेश दिए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 33,370 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और खाद्यान्न पहुंचाने के लिए टीमों को तैनात किया है। नावों और राफ्ट की मदद से ग्रामीण इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। चिकित्सा दल भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। बाढ़ की वजह से कई इलाकों में संचार और यातायात सेवाएं बाधित हो गई हैं।
सरकारी मशीनरी के साथ-साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। जिलाधिकारियों को लगातार प्रभावित गांवों का दौरा करने और हालात की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित हर परिवार को सुरक्षित स्थान, भोजन, दवा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेश में बाढ़ से खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कई जिलों में धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। सरकार ने कहा है कि नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ से उत्पन्न संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और अनावश्यक रूप से नदियों या निचले इलाकों की ओर न जाने की सलाह दी है।





