उत्तर प्रदेश

Savtu गांव में बाढ़ जैसे हालात, लबालब तालाबों से खेत डूबे; किसानों की बढ़ी चिंता

Ratna Netam
12 July 2026 9:46 PM IST
Savtu  गांव में बाढ़ जैसे हालात, लबालब तालाबों से खेत डूबे; किसानों की बढ़ी चिंता
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Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : जिले में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भोराकलां क्षेत्र के गांव सावटू में भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। गांव के दोनों तालाब पहली बार पूरी तरह लबालब भरकर ओवरफ्लो हो गए हैं, जिससे उनका पानी अब सड़कों और खेतों तक पहुंच गया है। वहीं हिंडन नदी सहित आसपास के जलस्रोतों में बढ़ते पानी के दबाव से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते सिसौली और सावटू के तालाबों का पानी बाहर निकल आया है। इसके अलावा सिसौली और खेड़ी सूंडियान की ओर से आ रहे पानी ने भी हालात बिगाड़ दिए हैं। पानी खेतों में भरने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। इससे किसानों की खड़ी फसलें और पशुओं के लिए रखा हरा चारा खराब होने लगा है। किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।

सिसौली-सावटू मार्ग पर आवागमन प्रभावित

जलभराव का असर ग्रामीण रास्तों पर भी दिखाई दे रहा है। सिसौली-सावटू मार्ग पर कई स्थानों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़कें पानी में डूब गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

50 वर्षों में पहली बार देखा ऐसा हाल

गांव सावटू निवासी किसान अमित बालियान ने बताया कि पिछले करीब 50 वर्षों में पहली बार उन्होंने गांव में ऐसा दृश्य देखा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण गांव के दोनों तालाब पूरी तरह भर गए और उनका पानी बाहर निकलकर खेतों व सड़कों पर फैल गया। उन्होंने बताया कि सिसौली क्षेत्र के खेतों से लगातार पानी सावटू की ओर आ रहा है, जिससे जलभराव बढ़ता जा रहा है।

किसानों का कहना है कि खेतों में कई दिनों से पानी जमा रहने के कारण फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। धान, चारा और अन्य फसलों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था कराने और प्रभावित किसानों को मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्रशासन से मदद की उम्मीद

ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। पशुओं के लिए चारे की समस्या भी सामने आने लगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द पानी निकासी के लिए कदम उठाने चाहिए, ताकि खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों को राहत मिल सके।

वहीं, लगातार बारिश को देखते हुए क्षेत्र में हालात पर नजर रखने की जरूरत बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो गांव के निचले इलाकों में भी पानी पहुंच सकता है। फिलहाल ग्रामीण बारिश थमने और प्रशासनिक मदद मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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