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Fire से बचाव की तैयारी तेज, सहारनपुर अस्पताल में फायर मॉक ड्रिल

Saharanpur सहारनपुर : लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शासन के निर्देशों के अनुपालन में फायर सेफ्टी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में जिला महिला अस्पताल में अग्निशमन विभाग द्वारा फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल के स्टाफ ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आग से बचाव तथा आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।मॉक ड्रिल के दौरान विशेष रूप से महिला विंग के कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें फायर एक्सटिंगुइशर, फायर होज़ और अन्य अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग का अभ्यास भी कराया गया।
अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने बताया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील संस्थानों में नियमित रूप से निरीक्षण और मॉक ड्रिल कराई जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण से कर्मचारियों की तैयारियों को और मजबूत किया जाता है।जिला महिला अस्पताल के भूतल पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति बनाकर प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे आपात स्थिति में बिना घबराए सही निर्णय ले सकें।
अग्निशमन विभाग ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी अग्निशमन उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखे जाएं। साथ ही प्रत्येक 15 दिन में इन उपकरणों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए और उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तुरंत उपयोग किया जा सके।मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल प्रशासन ने भी अपनी आपातकालीन निकासी योजना, स्टाफ की जिम्मेदारियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि नियमित अभ्यास से आपात स्थिति में घबराहट कम होती है और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
इस अवसर पर अधिकारियों ने यह भी कहा कि अस्पताल जैसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में मरीज और परिजन मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी भी छोटी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।कार्यक्रम के अंत में सभी स्टाफ को सुरक्षा नियमों का पालन करने और आपदा के समय संयम बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।





