उत्तर प्रदेश

ग्रेटर नोएडा में आग, दो फायरकर्मियों की मौत

Kavita2
4 Aug 2026 10:00 AM IST
ग्रेटर नोएडा में आग, दो फायरकर्मियों की मौत
x

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने वाली कंपनी में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग बुझाने के दौरान इमारत का हिस्सा गिरने से दो फायरकर्मियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दमकल कर्मचारी घायल हो गए। यह हादसा 3 और 4 अगस्त की दरमियानी रात हुआ। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और फायर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

पुलिस के अनुसार, ग्रेटर नोएडा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स चिप निर्माण करने वाली कंपनी में देर रात अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कंपनी परिसर में धुआं और लपटें फैल गईं। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।



DCP सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रात के समय इलेक्ट्रॉनिक्स चिप बनाने वाली कंपनी में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही फायर टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया। इसी दौरान राहत कार्य में जुटे फायरकर्मियों के साथ बड़ा हादसा हो गया।

उन्होंने बताया कि आग बुझाने की कार्रवाई के दौरान कंपनी की इमारत की एक दीवार और लोहे का भारी बीम अचानक गिर गया। इसकी चपेट में आने से फायर सर्विस के जवान तीर्थपाल सिंह और रोहित यादव की मौत हो गई। वहीं, इस घटना में फायर सर्विस के तीन अन्य कर्मचारी घायल हो गए।

घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, घायल कर्मचारियों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने घटना की जानकारी जुटाने और राहत कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा।

आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किस वजह से लगी और कंपनी में सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे।

इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण जैसी औद्योगिक इकाइयों में कई तरह के उपकरण, मशीनें और तकनीकी सामग्री होती है, जिससे आग लगने की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जांच के दौरान कंपनी में मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी चिंता का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने रात के समय कंपनी से निकलता धुआं और आग की लपटें देखीं। इसके बाद राहत एवं बचाव टीमों की गतिविधियां तेज हो गईं। दमकल की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया।

फायरकर्मियों की मौत के बाद विभाग में शोक का माहौल है। अपने कर्तव्य के दौरान जान गंवाने वाले तीर्थपाल सिंह और रोहित यादव को उनके साथियों ने बहादुर और समर्पित कर्मचारी बताया। फायर सर्विस के जवान अक्सर आग, दुर्घटना और अन्य आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना काम करते हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने हादसे पर दुख जताया है और मृतक फायरकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों में नियमित सुरक्षा जांच, आपातकालीन प्रशिक्षण और आग से निपटने के पर्याप्त संसाधन होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम घटना की जांच में जुटी है। आग पर नियंत्रण पा लिया गया है और कंपनी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों और हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।

Next Story