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Gram Panchayats, में वित्तीय गड़बड़ी उजागर, जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश

Orai उरई : उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन में ग्राम पंचायतों के वर्ष 2019-20 के ऑडिट में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संबंधित दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और शासकीय धन की वसूली सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया है कि ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव प्रशांत सुभाष दुबे तथा संबंधित पूर्व ग्राम प्रधानों के विरुद्ध तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और धनराशि की वसूली भू-राजस्व की भांति की जाए।सहायक निदेशक/जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ऑडिट रिपोर्ट में विकास खंड नदीगांव की चार ग्राम पंचायतों—गंथरा, तीतरा खलीलपुर, धंजा और क्योलारी—में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच में कैशबुक, माप पुस्तिका, स्टॉक रजिस्टर और व्यय प्रमाणकों जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे किए गए खर्च की पुष्टि नहीं हो सकी।
रिपोर्ट के अनुसार इन चारों पंचायतों में कुल 1,28,02,096 रुपये की अनियमितता सामने आई है। इसमें ग्राम पंचायत गंथरा में 13,05,477 रुपये, तीतरा खलीलपुर में 51,64,890 रुपये, धंजा में 19,03,570 रुपये और क्योलारी में 44,28,159 रुपये की गड़बड़ी शामिल है।जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में अभिलेख जानबूझकर प्रस्तुत नहीं किए गए और शासकीय धन का मनमाने तरीके से उपयोग किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पूर्व प्रधानों और ग्राम पंचायत सचिव से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में वसूली के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एफआईआर दर्ज कराकर वसूली की कार्रवाई तेज की जाए और प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी धन की एक-एक पाई की वसूली की जा सके।





