उत्तर प्रदेश

मकान और फसल गंवाने वालों को मिलेगी आर्थिक मदद योगी सरकार का बड़ा कदम

Ratna Netam
6 Sept 2026 8:34 PM IST
मकान और फसल गंवाने वालों को मिलेगी आर्थिक मदद योगी सरकार का बड़ा कदम
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा निर्देश दिया है। सीएम योगी ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराकर **फसल, मकान और अन्य संपत्तियों के नुकसान का आकलन करने** को कहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों को बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद लोगों तक मदद समय पर पहुंचनी चाहिए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से होगा सर्वे
सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रशासनिक टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं। अधिकारियों को गांव-गांव जाकर स्थिति की जानकारी लेने और प्रभावित लोगों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि किन किसानों की फसल खराब हुई है, किन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और किन परिवारों को अन्य प्रकार का नुकसान हुआ है।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वास्तविक प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
किसानों को फसल नुकसान की भरपाई
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ता है। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो जाती हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों के नुकसान का सही आकलन किया जाए और उन्हें सरकार की ओर से तय मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाए।
किसानों का कहना है कि बाढ़ के बाद फसल बचाना मुश्किल हो जाता है, ऐसे में आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी।
क्षतिग्रस्त मकानों का भी मिलेगा मुआवजा
बाढ़ के दौरान कई इलाकों में कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचता है। कई परिवारों के घरों में पानी भरने से सामान खराब हो जाता है और रहने की समस्या खड़ी हो जाती है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मकानों को हुए नुकसान का भी सर्वे किया जाए और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता दी जाए।
सरकार का उद्देश्य है कि आपदा प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिले।
राहत शिविरों में सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की व्यवस्था को भी बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को भोजन, पीने का पानी, दवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुओं के नुकसान का भी होगा आकलन
बाढ़ के दौरान केवल इंसानों को ही नहीं बल्कि पशुओं को भी नुकसान पहुंचता है। कई जगहों पर पशुओं के चारे और रहने की व्यवस्था प्रभावित हो जाती है।
प्रशासन को पशुओं से जुड़े नुकसान का भी आकलन करने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की तय की गई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर हालात की समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों की निगरानी लगातार की जाए और किसी भी प्रभावित परिवार को मदद से वंचित नहीं रहना चाहिए।
अधिकारियों से कहा गया है कि शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों पर सरकार की नजर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और नदियों के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
आपदा में तेजी से मदद पहुंचाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा के समय सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। प्रभावित लोगों को राहत देने में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कागजी प्रक्रिया पूरी करने के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी ध्यान में रखा जाए।
प्रभावित परिवारों को राहत का इंतजार
बाढ़ से प्रभावित किसान और परिवार अब सरकार की सहायता का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि सर्वे पूरा होने के बाद जल्द ही मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रशासन की ओर से भी कहा गया है कि नुकसान का सही आकलन कर पात्र लोगों को सहायता दी जाएगी।
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