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Students से बकरे का चारा मंगवाया, महिला हेडमास्टर पर गिरी गाज

Bijnor बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सरकारी स्कूल में लापरवाही और कथित अनियमितताओं का एक मामला सामने आया है। यहां एक प्राथमिक विद्यालय की महिला हेडमास्टर को बकरीद से पहले स्कूल परिसर में बकरा बांधने, छात्रों से उसके लिए जंगल से चारा मंगवाने और विद्यालय की चहारदीवारी निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने मामले की जांच के बाद हेडमास्टर का स्पष्टीकरण असंतोषजनक मानते हुए यह कार्रवाई की।
यह मामला बिजनौर जिले के अल्हैपुर प्राथमिक विद्यालय, भिक्कावाला का है। जानकारी के अनुसार गांव लक्ष्मीसैनपुर उर्फ भिक्कावाला के रहने वाले अनित कुमार और नवनीत राजपूत ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विद्यालय की वर्ष 2016-17 में बनी चहारदीवारी को बिना किसी विभागीय अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए तुड़वा दिया गया। इसके बाद वर्ष 2023-24 में नई चहारदीवारी के निर्माण के लिए विभाग से धनराशि स्वीकृत कराकर निर्माण कराया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि बकरीद से दो दिन पहले महिला हेडमास्टर ने एक बकरा खरीदकर उसे स्कूल परिसर में बांध दिया था। इतना ही नहीं, विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से जंगल से चारा कटवाकर बकरे को खिलाने के लिए मंगाया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि बच्चों से इस प्रकार का कार्य कराना न केवल शिक्षा के अधिकार और बाल सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि विद्यालय की गरिमा के भी अनुरूप नहीं है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया और महिला हेडमास्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने आरोपों के संबंध में लिखित जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन विभाग ने उसे संतोषजनक नहीं माना। जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बीएसए ने महिला हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सरकारी संसाधनों के उचित उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। यदि कोई शिक्षक या प्रधानाध्यापक अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है या सरकारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों से इस प्रकार के व्यक्तिगत कार्य कराना पूरी तरह अनुचित है। वहीं सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता भी आवश्यक है, ताकि सार्वजनिक धन का सही तरीके से इस्तेमाल हो सके।
शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच के दौरान अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं या किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला हेडमास्टर के निलंबन के बाद मामले की आगे की जांच जारी है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।





