उत्तर प्रदेश

फतेहपुर में एसआईआर सुपरवाइज़र की शादी से पहले आत्महत्या, SP प्रमुख अखिलेश यादव का आरोप

SHIDDHANT
28 Nov 2025 9:30 PM IST
फतेहपुर में एसआईआर सुपरवाइज़र की शादी से पहले आत्महत्या, SP प्रमुख अखिलेश यादव का आरोप
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। जिले में एक एसआईआर (स्पेशल इंटेलिजेंस रिव्यू) सुपरवाइज़र द्वारा शादी से ठीक एक दिन पहले आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी एवं सरकारी विभाग में तैनात अधिकारी के रूप में हुई है। घटना के बाद से परिजन सदमे में हैं, जबकि विपक्ष ने इस मामले को लेकर योगी सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर सरकार और
प्रशासन
को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बयान जारी कर कहा, "यह मामला इसलिए दर्ज नहीं हो रहा है क्योंकि इसमें शायद कोई सरकारी अधिकारी शामिल है। और जब कोई सरकारी अधिकारी होता है, तो उसे भाजपा का अधिकारी माना जाता है, इसलिए उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज ही नहीं की जाती।" अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि आखिर एक युवाकर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है।
घटना के अनुसार, एसआईआर सुपरवाइज़र का विवाह अगले ही दिन होने वाला था और घर में तैयारी चल रही थी। इसी बीच अचानक उसने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने दावा किया कि मृतक पिछले कुछ दिनों से मानसिक दबाव में था और कार्यस्थल पर उससे अत्यधिक काम लिया जा रहा था। इसके अलावा, कुछ अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न की बात भी सामने आ रही है, जिसे लेकर परिवार लगातार पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया है, लेकिन FIR दर्ज न किए जाने को लेकर सवाल बढ़ते जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, मृतक के मोबाइल फोन और निजी दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
इधर, विपक्ष के हमले तेज हो चुके हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने अधिकारियों को बचाने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकती है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय से वंचित रह जाता है। इस बीच, जिला प्रशासन ने कहा है कि मामले की प्रारंभिक जांच चल रही है और किसी भी तथ्य की पुष्टि से पहले राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही FIR सहित आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
परिजनों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। गांव में इस घटना से शोक का माहौल है और लोग हैरान हैं कि शादी से ठीक पहले ऐसा कदम किसी युवक को उठाने पर क्या मजबूर कर सकता है। यह मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है और सूबे की सियासत में इसे लेकर तीखी बयानबाजी जारी है। देखना होगा कि जांच के बाद सत्य क्या निकलकर सामने आता है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है।
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