उत्तर प्रदेश

Fatehpur: दलित युवक हत्या मामले में अजय राय ने परिवार से की बातचीत

Admindelhi1
6 Oct 2025 1:33 PM IST
Fatehpur: दलित युवक हत्या मामले में अजय राय ने परिवार से की बातचीत
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फतेहपुर: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय शुक्रवार को फतेहपुर पहुंचे और ऊंचाहार क्षेत्र में कुछ दिन पहले हुई दुखद घटना की पीड़ित परिवार से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली तुराबअली पुरवा के निवासी दलित युवक हरिओम बाल्मीकि को कुछ लोगों ने चोर समझकर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल ऊंचाहार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए सतर्कता की घंटी है और सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

अजय राय ने बताया कि मृतक युवक ने राहुल गांधी का नाम लिया था, जिससे नाराज होकर स्थानीय कुछ लोगों ने उसकी हत्या की। उन्होंने कहा, “कार्रवाई की जगह लोग बाबा का नाम लेकर हत्या कर रहे हैं। यह पूरे प्रदेश में चल रहे जंगलराज का परिचायक है।”

प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियां अभी तक इस मामले में ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। उन्होंने मांग की कि हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

अजय राय ने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और मृतक के परिवार में किसी एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार के सामने आर्थिक संकट को कम किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि बरेली और अन्य जिलों में हुई हिंसा और सांप्रदायिक तनाव इसी तरह की घटनाओं का संकेत हैं। प्रदेश में शासन की अक्षमता के चलते आम जनता लगातार असुरक्षित महसूस कर रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की इस मुलाकात में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और कहा कि पार्टी हर स्तर पर इस मामले पर निगरानी और न्याय की मांग करेगी।

मृतक युवक हरिओम बाल्मीकि का परिवार थाना कोतवाली तुराबअली पुरवा का निवासी है। घटना के समय मृतक केवल अपनी दैनिक गतिविधियों में व्यस्त था और कोई भी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं था। लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे चोर समझकर निर्मम तरीके से मार दिया।

इस पूरे मामले ने प्रदेश में दलित समुदाय और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार समय रहते ठोस कदम नहीं उठाती है, तो ऐसे मामले आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं।

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