उत्तर प्रदेश

Farrukhabad: जल योजना पर प्रशासन पर सवाल, जल आपूर्ति योजना पर सवाल

Admindelhi1
11 May 2026 2:15 PM IST
Farrukhabad: जल योजना पर प्रशासन पर सवाल, जल आपूर्ति योजना पर सवाल
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"पानी पहुंचाने की योजना में देरी"

फर्रुखाबाद: नगर पालिका द्वारा शहर के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना अभी तक पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी है। योजना की शुरुआत बड़े स्तर पर की गई थी और दावा किया गया था कि शहर के हर मोहल्ले और गली तक पाइपलाइन बिछाकर लोगों को घर बैठे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी कई मोहल्लों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। कहीं पाइपलाइन अधूरी पड़ी है तो कहीं अब तक नई लाइन बिछाने का कार्य ही शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद लगातार कमजोर पड़ती जा रही है।

शहर के कई मोहल्लों में आज भी लोग पुरानी जल व्यवस्था और हैंडपंपों के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना के नाम पर कई स्थानों पर सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन कार्य पूरा नहीं कराया गया। कहीं पाइपलाइन डालने के बाद कनेक्शन नहीं दिए गए तो कहीं पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई। इसके चलते लोगों को घरों तक पानी पहुंचने का इंतजार अब भी बना हुआ है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि नगर पालिका द्वारा समय-समय पर योजना पूरी होने के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। कई वार्डों में लोग महीनों से कनेक्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं बिछी है वहां लोगों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि आखिर कार्य कब शुरू होगा और कब तक पूरा किया जाएगा।

योजना की धीमी रफ्तार को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और गंभीर हो जाती है, ऐसे में यदि घर-घर पानी पहुंचाने की योजना समय पर पूरी हो जाती तो लोगों को काफी राहत मिल सकती थी। लेकिन लापरवाही और सुस्त कार्यशैली के चलते योजना अब ठंडे बस्ते में जाती दिखाई दे रही है।

वहीं नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर तकनीकी कारणों और बजट संबंधी दिक्कतों के चलते कार्य प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने दावा किया कि शेष बचे मोहल्लों में जल्द ही पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि लोगों का कहना है कि जब तक जमीन पर काम दिखाई नहीं देगा तब तक आश्वासनों पर भरोसा करना मुश्किल है।

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