उत्तर प्रदेश

Farrukhabad: बांग्लादेश सरकार के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

Admindelhi1
23 Dec 2025 3:19 PM IST
Farrukhabad: बांग्लादेश सरकार के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग
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फर्रुखाबाद: विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल फर्रुखाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आज बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त किया और प्रतीकात्मक रूप से बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन किया। दुर्वाशा ऋषि आश्रम के महन्त ईश्वर दास बृह्मचार महाराज के संरक्षण मेंं यात्रा निकाली गई। पूरा वातावरण हिंदू समाज एक है और अन्याय नहीं सहेंगे जैसे नारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ हुई, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समाज के साथ हो रही घटनाओं को लेकर देशभर में चिंता और आक्रोश है, और इसी भावना के तहत फर्रुखाबाद में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है।

प्रदर्शन का नेतृत्व बजरंग दल के विभाग संयोजक अभिषेक शाक्य ने किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम किसी के विरुद्ध घृणा नहीं, बल्कि न्याय और मानवाधिकारों के समर्थन में है। जिला मंत्री अखिलेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज पर कहीं भी होने वाला अन्याय पूरे समाज को उद्वेलित करता है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना हमारा अधिकार है।

जिला अध्यक्ष मुकेश गौतम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन अनुशासन और शांति के साथ अपनी बात रखने में विश्वास करता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भारत सरकार बांग्लादेश सरकार से कूटनीतिक स्तर पर सख्त संवाद करे ताकि वहां अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस मौके पर बजरंग दल के जिला सहसंयोजक रोहन मिश्रा, जिला संयोजक सुदीप कुमार, जिला बलोपासना प्रमुख अनुज, जिला मिलन केंद्र प्रमुख श्रवण, नगर संयोजक आर्यन, चंदन मिश्रा, अंकित, नितिन, आकाश, कट्टर हिंदू आकाश प्रजापति, अभय शुक्ला, जिला गोरक्षा प्रमुख योगेंद्र, नगर मंत्री सिद्धांत सिंह तथा दुर्गा वाहिनी से विधि सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नारे लगाए और अपने विचार रखे। पुतला दहन के समय सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया। अंत में पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक पीडि़तों को न्याय नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।

प्रदर्शन के समापन पर सभी से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की गई। आयोजन में युवाओं की बड़ी भागीदारी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समाज के विभिन्न वर्ग इस मुद्दे को लेकर सजग और संवेदनशील हैं।

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