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Farrukhabad: गंगा दशहरा मेले में वारदातों को अंजाम देने वाली 11 लुटेरी महिलाओं का गिरोह गिरफ्तार

फर्रुखाबाद: जिले में गंगा दशहरा मेले के दौरान महिलाओं को निशाना बनाकर सोने की चेन, मंगलसूत्र और अन्य कीमती सामान लूटने वाले राजस्थान की 11 महिलाओं के शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह इतने सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था कि पुलिस भी इनकी चालाकी देखकर हैरान रह गई।
गंगा दशहरा मेले में कई महिलाएं बनीं थीं निशाना
गंगा दशहरा के अवसर पर फतेहगढ़ में लगे मेले में हजारों श्रद्धालु उमड़ते हैं। भारी भीड़भाड़ वाले इसी मेले को राजस्थान की यह लुटेरी महिलाएं निशाना बना रही थीं। ये महिलाएं खासतौर पर उन महिलाओं को चुनती थीं जो सोने की चेन, मंगलसूत्र या कीमती गहने पहनकर मेला देखने आती थीं। ऐसे ही कई पीड़ित महिलाओं ने लूट और मारपीट की शिकायतें पुलिस को दीं, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।
गिरफ्तारी और गिरोह का पर्दाफाश
सीओ ऐश्वर्या उपाध्याय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर थाना कादरीगेट क्षेत्र के देवरामपुर क्रॉसिंग से इन 11 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई महिलाओं के नाम इस प्रकार हैं:
सोनिया, उजीता, गीता, अंजली, बबिता, राजवती, अंजू, राजकुमारी, सोनू, कश्मीरा और सीमा। सभी भरतपुर (राजस्थान) की रहने वाली हैं।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इन महिलाओं ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे 4 जून को गंगा दशहरा मेले में आई थीं और 5 जून को तीन चेन, एक जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी पायल और कुछ नकदी चोरी की थी।
कैसे काम करता था गिरोह: पुलिस के अनुसार पूरी साजिश
पुलिस ने बताया कि यह महिला गैंग सुनियोजित तरीके से काम करता था।
इनका काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार था:
भीड़भाड़ वाले मेले में सामूहिक रूप से प्रवेश करती थीं।
फिर ऐसे शिकार की तलाश की जाती थी जो कीमती गहने पहनकर मेले में घूम रही हो।
एक महिला जानबूझकर शिकार से उलझती थी – जैसे धक्का लगाना या बहस करना।
फिर अन्य महिलाएं घेरा बना लेती थीं, जिससे आसपास के लोग कुछ समझ न सकें।
इस हंगामे की आड़ में गहने, पर्स, नकदी आदि पार कर लेती थीं।
भीड़ का फायदा उठाकर तेजी से मौके से निकल जातीं।
पकड़े जाने की पूरी कहानी
गिरोह की पहचान तब हुई जब शांतिनगर पजाबा निवासी सौरभ सिंह ने पुलिस में शिकायत दी कि उसकी पत्नी को 10-11 महिलाओं ने घेरकर मारपीट करते हुए गले की सोने की चेन छीन ली। इसके बाद दो-तीन अन्य महिलाओं ने भी इसी तरह की घटनाओं की शिकायत पुलिस से की।
पुलिस ने मेले में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और मुखबिर की सूचना पर गैंग को दबोचने में सफलता पाई।
कबूलनामे में चौकाने वाले तथ्य
गिरफ्तार महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे हर साल अलग-अलग बड़े मेलों में जाकर ऐसी वारदातें करती हैं। उन्होंने स्वीकारा कि वे फतेहगढ़ में गंगा दशहरा मेले के बाद लूटे गए गहनों और पैसों के साथ वापस लौटने की तैयारी में थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गैंग के पास से बरामद हुए सामान
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली तो उनके पास से चौंकाने वाला सामान बरामद हुआ:
9 पर्स / बटुए
1 सोने जैसे पीली धातु का पैंडल
1 जोड़ी टॉप्स (पीली धातु की)
1 जोड़ी पायल
कुछ नकद (करीब 4900 रुपये)
आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज
इन महिलाओं के पास से बरामद सामान से उनके लूट की पुष्टि होती है।
आगे की कार्रवाई
फर्रुखाबाद पुलिस ने इन महिलाओं के खिलाफ धारा 392, 147, 323, 504, 506 आदि के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गैंग के और कौन सदस्य शामिल हैं और क्या यह गिरोह अन्य जिलों या राज्यों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुका है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
गिरोह की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह भी मांग की है कि भविष्य में मेलों में पर्याप्त सुरक्षा और महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
निष्कर्ष
राजस्थान की इन 11 महिलाओं ने जिस प्रकार से योजनाबद्ध ढंग से चोरी की वारदातों को अंजाम दिया, वह यह दर्शाता है कि अपराधी अब किस तरह संगठित होकर काम कर रहे हैं। फर्रुखाबाद पुलिस ने सजगता दिखाते हुए गिरोह को पकड़कर बड़ी घटना को टाल दिया, लेकिन अब ज़रूरत इस बात की है कि ऐसे गिरोहों पर नजर रखने के लिए तकनीक, इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।





