उत्तर प्रदेश

Farrukhabad: तीस साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट का फैसला, आरोपी को उम्रकैद

Admindelhi1
23 April 2025 2:04 PM IST
Farrukhabad: तीस साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट का फैसला, आरोपी को उम्रकैद
x
"60,000 रूपये का जुर्माना भी लगाया"

फर्रुखाबाद: अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष 8 दीपेंद्र कुमार सिंह ने हत्या के मामले में गणेश चतुर्वेदी पुत्र श्रीराम निवासी गदनपुर तुर्रा को आजीवन कारावास व 60000 रुपया के जुर्माना से दंडित किया है।

बीते 30 वर्ष पूर्व थाना कमालगंज में योगेंद्र नाथ ने 23 मई 1995 को मुकदमा दर्ज कराया था कि मैं तथा मेरे दरवाजे पर अवध किशोर तिवारी, शिवानंद व लल्ला सिंह ठाकुर तथा मेरा नौकर महेश कटहल के पेड़ के नीचे बैठे थे, तभी लगभग दोपहर 12 बजे दिन में घर के सामने जीप सडक़ पर से होती हुई हाते के अंदर घुस आई।

उसमें उतरे बबुआ बाजपेई के हाथ में एक नाली बंदूक थी तथा संजीव बाजपेई के हाथ में राइफल थी तथा राकेश मिश्रा के हाथ में राइफल थी तथा प्रमोद अवस्थी व गणेश चतुर्वेदी व अन्य जिन्हें सामने आने पर पहचान सकता हूँ नाजायज हथियारों से लैस थे। बबुआ वाजपेई ने अवध बिहारी उर्फ छोटे से कहा कि बहुत प्रधान बनता है आज तुझे प्रधान बना दें और सभी लोगों ने अपने-अपने हथियारों से छोटे को जान से मारने की नीयत से फायर किए। जिससे छोटे घर के अंदर की तरफ भागे। छोटे को बचाने के लिए शिवानंद व हम लोग भी दौड़े। इन लोगों की फायरिंग से छोटे के गोली लगी। बचाने में शिवानंद भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

गोली लगने के उपरांत यह लोग जीप में बैठकर भाग गए। इस घटना में फायर की आवाज सुनकर बहुत से लोग आ गए। जिन्होंने घटना देखी। घायलों को मैं टेंपो में डालकर थाने लाया। थाने लाते समय अवध किशोर की मृत्यु हो गई। बबुआ वाजपेई की अवध किशोर से ग्राम प्रधानी की रंजिश थी। जिस कारण हत्या की गई। साक्ष्य गवाहों के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। जिसमें बचाव पक्ष व शासकीय अधिवक्ता अनिल बाजपेई, अभिषेक सक्सेना की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश दीपेंद्र ने गणेश चतुर्वेदी को आजीवन कारावास व 60000 रुपया के अर्थदंड से दंडित किया गया। इसी मुकदमे में बबुआ बाजपेई, प्रमोद अवस्थी, गिरिराज को दोष मुक्त कर दिया गया। राकेश मिश्रा संजीव बाजपेई की फाइल पृथक है।

Next Story