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Farrukhabad: धोखाधड़ी के आरोप में कानूनी और सामाजिक संगठनों पर विवाद

फर्रुखाबाद: धोखाधड़ी कर धर्म परिवर्तन दिखाने और फर्जी शादी का नाटक कराने के एक गंभीर मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता के साथ हिंदूवादी संगठन के लोग और एक अधिवक्ता भी मौजूद रहे। पीड़िता ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता शीबा अंसारी पुत्री मोहम्मद आकिल अंसारी, पूर्व पत्नी जाहिद अंसारी, निवासी करिया नीम, थाना भोगांव, जनपद मैनपुरी ने एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि कुछ समय पूर्व उसका अपने पति से तलाक हो चुका है। इसके बाद उसकी जान-पहचान गौतम श्रीवास्तव पुत्र प्रभूदयाल, निवासी पुलमंडी, फतेहगढ़ से हुई। पीड़िता अपने 4 वर्षीय पुत्र के साथ गौतम के घर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी।
पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान कुछ दिन पहले एक अधिवक्ता गौतम से मिला और कहा कि अगर एग्रीमेंट करा दिया जाए तो लोग उनके रिश्ते पर सवाल नहीं उठाएंगे। इसके बाद अधिवक्ता नीलेश उर्फ दीपू, जो अपने कुछ साथियों के साथ एसडीएम कोर्ट के सामने बैठते हैं, ने दिनांक 16 दिसंबर को पीड़िता और गौतम को कचहरी बुलाया।
पीड़िता के अनुसार कचहरी में उनसे कई कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए, फोटो लगवाए गए, लेकिन किसी भी दस्तावेज की सही जानकारी नहीं दी गई। आरोप है कि कुछ देर बाद एक हिंदूवादी संगठन के लोग वहां बुला लिए गए और कहा गया कि अगर हार डालकर शादी का नाटक कर लिया जाए तो 5 लाख रुपये मिलेंगे।
पीड़िता ने बताया कि दबाव और बहकावे में आकर दोनों ने ऐसा ही किया। इसके बाद एक अंध वक्ता (कट्टर वक्ता) द्वारा पीड़िता और गौतम की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई और यह प्रचार किया गया कि पीड़िता ने धर्म परिवर्तन कर लिया है, जबकि पीड़िता का कहना है कि वह पक्की मुसलमान है, उसने न तो अपना धर्म बदला है और न ही भविष्य में बदलने का कोई इरादा है।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने वायरल की गई फोटो हटाने की बात कही तो आरोपियों ने उसे जान से मारने और उसके बच्चे को गायब करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी अधिवक्ता और उसके जूनियर ने उससे 18 हजार रुपये की ठगी भी कर ली और लिव-इन रिलेशनशिप से संबंधित कोई भी कागज उसे नहीं दिया गया।
पीड़िता ने एसपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और धोखाधड़ी, धमकी, ठगी व धर्म परिवर्तन की झूठी अफवाह फैलाने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामला संवेदनशील होने के चलते पुलिस अधिकारियों ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल पीड़िता न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रही है।





