उत्तर प्रदेश

किसानों ने ट्रैक्टरों से निकाली भव्य तिरंगा यात्रा

Ratna Netam
15 Aug 2026 8:16 PM IST
किसानों ने ट्रैक्टरों से निकाली भव्य तिरंगा यात्रा
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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय किसान यूनियन ने ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा निकाली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांगनौली कट बनाए जाने की मांग को लेकर आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर और बाइक लेकर शामिल हुए। पुलिस ने यात्रा को एक्सप्रेसवे पर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन किसानों ने अवरोधक हटाकर अपने वाहनों के साथ आगे बढ़ना शुरू कर दिया।
एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टरों और बाइकों के पहुंचने से यातायात प्रभावित हुआ। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक धीमी गति से चल रहे ट्रैक्टर आने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रही। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा यातायात नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।
नरेश टिकैत ने किया ध्वजारोहण
तिरंगा यात्रा शुरू होने से पहले भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज लगाए ट्रैक्टरों और बाइकों के साथ किसान गांगनौली से रवाना हुए। यात्रा में शामिल किसान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
भाकियू ने करीब डेढ़ महीने पहले ही स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा कर दी थी। इसे देखते हुए पुलिस ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग करने के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया था। प्रशासन की कोशिश यात्रा को एक्सप्रेसवे पर जाने से रोककर किसी वैकल्पिक मार्ग से निकालने की थी।
हालांकि, यात्रा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में किसान गांगनौली कट के पास पहुंच गए और वहां लगाए गए बैरिकेड हटाकर ट्रैक्टरों को एक्सप्रेसवे पर ले गए। बाइक सवार किसान भी उनके साथ आगे बढ़े। इससे पुलिस की ओर से किए गए यातायात संबंधी इंतजाम प्रभावित हो गए।
बिजरोल रोड इंटरचेंज तक पहुंचे किसान
गांगनौली कट से शुरू हुई ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते बिजरोल रोड इंटरचेंज तक पहुंची। यहां से यात्रा बड़ौत-बुढ़ाना रोड और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे होते हुए तहसील पहुंची। पूरे मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
यात्रा के दौरान एक्सप्रेसवे पर चल रहे दूसरे वाहनों की गति धीमी करनी पड़ी। कई जगह ट्रैक्टर और बाइक एक साथ आने के कारण यातायात की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई। वाहनों को सुरक्षित निकालने और किसी हादसे को रोकने के लिए पुलिसकर्मी लगातार व्यवस्था संभालते रहे।
घंटेभर तक धीमा रहा यातायात
ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेने के लिए सड़क के करीब पहुंच गए। इससे मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बनने लगी।
भाकियू नेता माइक के माध्यम से लोगों से एक्सप्रेसवे की मुख्य लेन से हटने और यातायात बाधित नहीं करने की अपील करते रहे। इसके बावजूद काफी समय तक भीड़ बनी रही। करीब एक घंटे तक एक्सप्रेसवे पर तेज गति से चलने वाले वाहनों को धीमी रफ्तार से गुजरना पड़ा।
नरेश टिकैत ने प्रशासन पर उठाए सवाल
भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि संगठन ने यात्रा की घोषणा करीब डेढ़ महीने पहले ही कर दी थी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली जा रही तिरंगा यात्रा का विरोध नहीं किया जाना चाहिए था। प्रशासन को पूर्व सूचना के अनुसार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से किसान राष्ट्रीय पर्व मनाने के साथ गांगनौली कट की मांग भी उठा रहे हैं। जब तक क्षेत्र के लोगों की समस्या का समाधान नहीं होता, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
गांगनौली कट के लिए चल रहा धरना
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गांगनौली के पास कट बनाने की मांग को लेकर किसान लंबे समय से धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। नजदीक में प्रवेश और निकास की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
किसानों के मुताबिक गांगनौली में कट बनने से आसपास के कई गांवों के निवासियों, किसानों और स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलेगा। तिरंगा यात्रा के माध्यम से उन्होंने सरकार तथा संबंधित विभाग का ध्यान इस मांग की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
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